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गांव वालों को नयी राह दिखाता अल्फाज़-ए-मेवात

 

सभी जानते हैं, हरियाणा का मेवात एक पिछड़ा एरिया है. हरियाणा के इस एरिया में अधिकतर लोग अशिक्षित होने के चलते रुढ़िवादी है. यहाँ पर शिक्षा का स्तर बहुत कम है. यहाँ पर कुछ गैर सरकारी संस्थान इसको लेकर काम कर रही है. यहाँ पर गैर सरकारी संस्था सहगल फाउंडेशन ने एक सामुदायिक रेडियो की स्थापना कर याना के लोगो को शिक्षित करना शुरू किया, क्योंकि यहाँ के लोगो को कुछ भी समझाना मुश्किल था. इस लिए सामुदायिक का सहारा लिया गया. मेवात के एक गाँव फिरोजपुर झिरखा के मल्लाहका गाँव में रहने वाले सरजीत शर्मा सामुदायिक रेडियो अल्फाज-ए-मेवात एफ एम 107.8 के विभिन्न कार्यक्रमों को सुनते हैं. रेडियो के माध्यम से ही उनको बच्चों में सही समय पर टीका लगवाने के महत्व के बारे में जानकारी मिली. उनके गाँव में टीकाकरण प्रक्रिया में अक्सर विलम्ब रहता था जिसके कारण वहां के लोग चिंतित रहते थे.

 

इस विषय पर उन्होंने गाँव की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और पिंनगवा के सरकारी अस्पताल में जाकर भी बात की ताकि गाँव में टीकाकरण अभियान शुरु हो सके. लेकिन उनको कोई सही जवाब नही मिला| तब उन्होंने अल्फाज-ए-मेवात के लाइव प्रोग्राम “गाँव की चौपाल” में रेडियो के स्टूडियो नंबर 9813164542 पर फ़ोन किया जिसमें उन्होंने डॉक्टर को अपने गाँव की सही समय पर टीकाकरण नहीं होने की समस्या बताई और एक अफवाह के चलते भी उनके गाँव वाले टीका लगवाने नहीं जा रहे थे| उनको भय था कि इस टीके से उनके बच्चे नुपुंसक हो जायेगे. डॉक्टर ने लाइव कार्यक्रम के दौरान ही टीकाकरण से जुड़े सभी भ्रांतियों पर चर्चा की और बताया कि नि‍यमि‍त टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारि‍यों (जैसे- गलघोंटू, काली खांसी, टिटनस, पोलियो, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस – बी) से बचाता है। कार्यक्रम के दौरान ही डॉक्टर ने सरजीत के गाँव में डॉक्टरों की टीम भेजने का भी वादा किया.

अगले ही दिन पिंनगवा के सरकारी अस्पताल से डॉक्टरों की टीम गाँव में भेजी गयी और मल्लाहका गाँव में टीकाकरण अभियान प्रक्रिया शरू हुई. एक संस्था द्वारा सामुदायिक रेडियो के जरिए ग्रामीण लोगो को जागरूक किया गया| जिससे ग्रामीण लोगो में एक नयी चेतना का उद्गम हुआ.

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-इमरान खान 



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