सर्दी का मौसम शुरु होते ही लोगों के मन में कई सवाल आते हैं कि इस मौसम में कौन से अनाजों का सेवन करें, जिससे पोषण भी मिल और शरीर भी स्वस्थ रहे, क्योंकि ठंड का मौसम आते ही ऐसे खाघ पदार्थों की आवश्यकता होती है, जिसकी तासीर गर्म हो. ऐसे में अगर आप अपनी डाइट चार्ट में बाजरा और रागी जैसे मिलेट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो शरीर को कई फायदे हो सकते हैं, लेकिन सवाल यह आता है कि सर्दियों में बाजरे की रोटी खाना ज्यादा फायदेमंद है या रागी का आटा बेहतर विकल्प है? आगे पढ़ें.
बाजरा और रागी में क्या है अंतर?
बाजरा और रागी दोनों मोटे अनाज की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इनके रंग, स्वाद और पोषण में अंतर होता है. बाजरे के दाने आमतौर पर धूसर या हल्के हरे रंग के होते हैं. इसका आटा सर्दियों में रोटी, खिचड़ी और दूसरी पारंपरिक डिश बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
वहीं, रागी को कई राज्यों में नाचनी और मडुआ के नाम से भी जाना जाता है. इसके दाने छोटे और गहरे लाल-भूरे रंग के होते हैं. रागी से दलिया, रोटी, डोसा और कई तरह के पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं. इसलिए पारंपरिक खानपान में बाजरे को सर्दियों के अनुकूल माना जाता है.
सर्दियों में बाजरा बेहतर या रागी?
सर्दियों में दोनों अनाज अपनी-अपनी खूबियों के कारण फायदेमंद हो सकते हैं. अगर आप फाइबर और विभिन्न खनिजों से भरपूर भोजन चाहते हैं, तो बाजरा एक अच्छा विकल्प है. वहीं, कैल्शियम का सेवन बढ़ाने के लिए रागी को डाइट में शामिल किया जा सकता है. साथ ही अगर बाजरे की रोटी को दाल, हरी सब्जियों, दही या अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ खाया जा सकता है. इसी तरह रागी का दलिया दूध या उपयुक्त विकल्प के साथ तैयार किया जा सकता है. इससे भोजन में पोषण का संतुलन बेहतर बनाने में मदद मिलती है.
बाजरे और रागी को डाइट में कैसे शामिल करें?
अगर आप पहली बार मोटे अनाज खाना शुरू कर रहे हैं, तो थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें. बाजरे की खिचड़ी में मूंग दाल और सब्जियां मिलाई जा सकती हैं. इसी तरह रागी का दलिया, डोसा या रोटी तैयार की जा सकती है. साथ ही इन अनाजों के साथ दाल, सब्जियां, फल और पर्याप्त प्रोटीन लेना भी जरूरी है. केवल एक ही अनाज पर निर्भर रहने के बजाय गेहूं, बाजरा, रागी और दूसरे साबुत अनाजों को बारी-बारी से खाना बेहतर विकल्प हो सकता है.
लेखक: रवीना सिंह
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