1. लाइफ स्टाइल

कई तरह के विटामिन से भरपूर है मूंगफली

अशोक परमार
अशोक परमार

गरीबों का काजू कही जाने वाली मूंगफली, काजू से ज़्यादा पौष्टिक है. मूंगफली खाने वाले शायद यह नहीं जानते हैं कि इसमें सभी पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं. मूंगफली खाकर हम कई पोषक तत्व ग्रहण कर लेते हैं जिनका हमारे शरीर को बहुत फायदा होता है. इसमें प्रोटीन, वसा, शर्करा, विटामिन, खनिज, रूक्षांश प्रचुर मात्रा में होते हैं. शोध में पता चला है कि मूंगफली में कैल्शियम और विटामिन डी (D), विटामिन ई (E) अधिक मात्रा में होता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा 25 प्रतिशत से भी अधिक होती है.आधी मुट्ठी मूंगफली में 426 कैलोरी होती है, 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम वसा होता है। इसमें विटामिन के (K) और बी6 (B6) भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और ज़िंक का अच्छा स्रोत है.इसमें प्रोटीन की मात्रा मांस की तुलना में 1.3 गुना, अण्डों से 2.5 गुना एवं फलों से 8 गुना अधिक होती है। 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध बराबर प्रोटीन होता है. 250 ग्राम भूनी मूंगफली में जितनी मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं,वो 250 ग्राम मांस से भी प्राप्त नहीं हो सकता है। 250 ग्राम मूंगफली के मक्खन से 300 ग्राम पनीर, 2 लीटर दूध या 15 अण्डो के बराबर ऊर्जा की प्राप्ति आसानी से की जा सकती है।

मूंगफली के लाभ:

पौष्टिकता से भरपूर मूंगफली में कैंसर प्रतिरोधी तथा कॉलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता है।

यह ह्रदय की बिमारियों को घटाने में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

कच्ची मूंगफली रोज खाने से नवजातक माताओं के दूध में वृद्धि होती है।

यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है।

मूंगफली या उससे निर्मित खाद्य सामग्री के उपयोग से रक्त स्राव की बिमारी में आराम मिलता है।

भूनी मूंगफली में एण्टीआक्सिडेंटस का अच्छा स्रोत है।

बिना नमक वाली मूंगफली में मोनोसैचुरेटेड वसा बहुत अधिक मात्रा में होता है और यह स्वस्थ धमनियों के लिए अच्छी होती है।

मूंगफली में विटामिन ई(E) का भंडारण होता है और यह केन्सर व ह्रदय सम्बंधी बीमारियों का ख़तरा का करती है।मूंगफली महिलाओं और पुरुषों में हार्मोन्स के विकास के लिए भी अच्छा होता है।

मूंगफली में कैल्शियम और विटामिन डी (D) अधिक मात्रा में होता है और यह दाँतो के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है।

मूंगफली के बारे में कुछ रोचक बातें

मूंगफली एक अखरोट यानी की नट नहीं है, एक किस्म की फली है।

फाईटोस्टेरॉल- मूंगफली में किसी भी अन्य नट की तुलना में अधिक प्रोटीन,नियासिन,फोलेट और फाईटोस्टेरॉल पादपरसायन होता है।

मूंगफली में अंगूर,अंगूर का रस, हरी चाय, टमाटर, पालक, ब्रोकोली, गाजर से अधिक उच्च एण्टीआक्सिडेंटस क्षमता है।

मूंगफली सितंबर और अक्टूबर में नयी आ जाती है। फसल रोपण विधि से लगाई जाती है और इसका विकास चक्र 120 से 160 दिन या पाँच महीने होता है।

मूंगफली स्वाभाविक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त है। पौधा मूल रूप से दक्षिण अमेरिका में जन्मा है.

एक परिपक्क मूंगफली का पौधे में 40 फली होती है यानी एक पौधा 40 मूंगफली पैदा करता है।

मूंगफली शरीर में गर्मी पैदा करती है,इसलिए सर्दी के मौसम में ज़्यादा लाभदायक है।

यह खाँसी में उपयोगी है व फेफड़ों को बल देती है। भोजन के बाद यदि 50 से 100 ग्राम मूंगफली प्रतिदिन खाई जाए तो सेहत बनती है, भोजन पचता है, शरीर में खून की कमी भी पूरी होती है। इसे भोजन के साथ सब्ज़ी, खीर, खिचड़ी आदि में डालकर खाना चाहिए।

सर्दियो में त्वचा पर रूखापन आता है, मूंगफली का तेल, दूध और गुलाबजल मिलाकर मालिश कर स्नान कर लें,इससे त्वचा का रूखापन ठीक हो जायेगा।

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English Summary: KNOW THE BENEFITS OF Peanut

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