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जानिए फूड पॉइजनिंग होने के कारण और निवारण

आजकल के दौर में लोगों के सामने कई तरह के खाने के विकल्प होते हैं, और लोग घरेलू खाने से ज्यादा बाजार में बनी चीजें खाना पसंद करते हैं. जिसमें चाइनिज़ फूड लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. ये तो सभी जानते हैं कि चाइनीज फूड बनाने में ज्यादातर उन चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है, जो लोगों को स्वाद तो भरपूर देती हैं, लेकिन शरीर के लिए उतनी फायदेमंद नहीं होती. ऐसे में लोगों को फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारी होना आम बात है, और लोगों में अक्सर यह बीमारी देखी भी जाती है. लेकिन कुछ मामलों में फूड पॉइजनिंग बहुत गंभीर भी हो जाता है. इस बीमारी से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. गर्मी और बरसात के मौसम में खाना बहुत जल्दी ही खराब हो जाता है और इसमे बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीव पनप जाते हैं. ऐसा भोजन करने से व्यक्ति फ़ूड पॉइजनिंग का शिकार हो जाता है.

फ़ूड पॉइजनिंग के कारण

ज्यादातर कहा जाता है कि दूषित और स्ट्रीट फूड के खाने से फ़ूड पॉइजनिंग होती है. लेकिन आपको बता दें कि मांस और अंडे सहित अन्य खाद्य वस्तुएं बहुत तेजी से बैक्टीरिया द्वारा दूषित होती हैं जिन्हें खाने से फूड पॉइजनिंग के कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं. जिसका जल्द इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो जाती है.

किन बैक्टीरिया से होता है खतरा

बता दें कि ई.कोलाई, लिस्टेरिया और सालमोनेला जैसे बैक्टीरिया की वजह से फूड पॉइजनिंग होती है. इनमें से सालमोनेला बैक्टीरिया के कारण सबसे गंभीर फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है.

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

फूड पॉइजनिंग किस स्तर पर हुआ है यह इस बात पर निर्भर करता है कि इंफेक्शन किस वजह से हुआ है. लेकिन इस समस्या के लक्षण दूषित भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद और अचानक दिखाई देने लगते हैं. फूड पॉइजनिंग ती पहचान करने का एक लक्षण है व्यक्ति को उल्टी महसूस होना, जिस व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग होती है उसे सबसे पहले उल्टी महसूस होती है. इसके अलावा पेट में दर्द या ऐंठन, दस्त, मिचली या उल्टी, बुखार- ये सभी लक्षण एक साथ भी दिख सकते हैं.

फूड पॉइजनिंग का घरेलू इलाज

फूड पॉइजनिंग 3 से 5 दिनों के अंदर ठीक भी हो सकता है.

समस्या होने पर लगातार शरीर को हाइड्रेट करते रहे.

मरीज के शरीर में पानी की कमी न हो.

स्पोर्ट्स ड्रिंक का सेवन करें क्योंकि उसमें उच्च मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट होता है.

फलों के रस और नारियल पानी का भी सेवन करें.

तुलसी की पत्तियों के रस में शहद लगाकर दिन में 4-5 बार सेवन करें.

इसके अलावा घर में ही एपल सीडर विनेगर, नींबू और पानी, शहद, जीरा, मेथी दाना, जैसी चीज़ों का सेवन करने से भी मरीज को फूड पॉइजनिंग के खतरे से बचाया जा सकता है. इसके अलावा घर में साफ-सफाई और खाने की साफ-सफाई का भी ध्यान रखा जाना काफी आवश्यक होता है ताकि मरीज के आस-पास कोई बैक्टीरिया न जा सके. इसके साथ ही जरूरी यह भी है यदि यह बीमारी गंभीर हो जाती है तो जल्द से जल्द इसका बेहतर से बेहतर डॉक्टर से इलाज करवाएं 



English Summary: Due to this, food poisoning occurs, know its causes and prevention

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