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'पीएम- किसान' वेबसाइट बंद, अधिकारी कर रहे टालमटोल !

1 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने संसद में अपना अंतरिम बजट पेश किया था. बजट में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई. उन्हीं घोषणाओं में एक घोषणा 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना भी थी. इस योजना के तहत देश के उन लघु व सीमांत किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रु. की सहायता सीधे चार-चार माह की अंतराल पर तीन किश्तों में उपलब्ध कराई जाएगी जिनके पास राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है. ताकि कृषि कार्यों में निवेश और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें एक सुनिश्चित आय सहायता प्रदान की जा सके, जिससे वो अपनी समस्याओं को तथा विशेष रूप से फसल चक्र के पश्चात तथा संभावित आय प्राप्त होने से पहले की स्तिथि में होने वाले व्ययों को पूरा कर सके.

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने इसके लिए किसानों का डाटा इकठ्ठा करने लिए pmkisan.nic.in  पोर्टल की शुरुआत भी की है. मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक, इस पोर्टल में राज्य फायदा पाने वाले किसानों का डेटा 25 फरवरी तक डाल सकते है. लेकिन इस पोर्टल को लेकर ये खबर है की इसमें कोई तकनीकी समस्या आ गया है जिस वजह से ये पोर्टल खुल नहीं पा रहा है. जिस वजह से लाभार्थी किसानों को को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है .


इस बात की सत्यता की जांच करने के लिए हमने सबसे पहले 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के हेल्पलाइन नंबर 011-23382977 पर फोन किया जहां हमें बताया गया की मैं इस विभाग को नहीं देखता हूं, मैं आपको एक नंबर देता हूं. आप उस पर बात करो, आपको वहां पर पूरी जानकारी मिलेगी। जिसके बाद उन्होंने नमिता प्रियदर्शी का 011-2307384 नंबर दिया.  जब हमने नमिता प्रियदर्शी को फोन किया तो  फोन पर हमारी नमिता प्रियदर्शी जी के अलावा एक दुसरे कर्मचारी से भी बात हुई. जिन्होंने हमे अपना नाम तक नहीं बताया. उसके बाद उन्होंने भी एक दूसरे कर्मचारी विवेक अग्रवाल का नंबर 011-23381176 दिया. जब हमने वहां फोन किया तो वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला. उन्होंने ने भी एक नया फोन नंबर 011-23383980 दे दिया और बताया कि इस नंबर पर सुधीर कुमार मिलेंगे. उसके बाद जब सुधीर कुमार को फोन लगाया गया तो फोन पर सुधीर कुमार की जगह किसी दूसरे कर्मचारी ने फोन उठाया. उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा 'मै इस बारे में नहीं जानता हूं, सुधीर जी है नहीं जब आएंगे तो बताएंगे.'



English Summary: PM-Kisan 'website closed, officer are frustrated and farmer trouble

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