1. बागवानी

बागवानी विशेषज्ञों की नई एडवाइजरी- सर्दियों में अमरूद के बाग को बीमारियों से ऐसे रखें सुरक्षित

सर्दियों में अमरूद के बाग को सही से धूप न मिलने के कारण पेंड़ों से दूध जैसा स्त्राव होने लगता है और पत्तियां में क्लोरोफिल न बनने के कारण वे मुरझाने लगती हैं.

मनीष कुमार
मनीष कुमार
अमरूद के पेड़ों में से तो तो कोहरे और ठंड के कारण दूध जैसा स्त्राव होने लगता है. इसकी वजह से पौधे पीले होकर ठिठुरने लगते हैं. (फोटो-सोशल मीडिया)
अमरूद के पेड़ों में से तो तो कोहरे और ठंड के कारण दूध जैसा स्त्राव होने लगता है. इसकी वजह से पौधे पीले होकर ठिठुरने लगते हैं. (फोटो-सोशल मीडिया)

उत्तर भारत में जाड़े के मौसम में कई परिवर्तन देखने को मिलते हैं. कभी-कभी तापमान शून्य से भी नीचे चला जाता है. वहीं, कई बार तो कई दिनों तक कोहरा छाया रहता है. इससे फलों के बागों को कई प्रकार के रोगों के लगने की संभावना होती है.

बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह के अनुसार सर्दियों खासकर दिसंबर-जनवरी के माह में अमरूद के बाग में रोगों के प्रकोप की संभावना अधिक रहती है. अमरूद के पेड़ों में से तो तो कोहरे और ठंड के कारण दूध जैसा स्त्राव होने लगता है. इसकी वजह से पौधे पीले होकर ठिठुरने लगते हैं. लेकिन किसान यदि समय रहते ये उपाय करें तो अमरूद की फसल को सर्दियों में रोगमुक्त रखा जा सकता है.

फल वैज्ञानिक डॉक्टर एसके सिंह के मुताबिक, जनवरी में अमरूद की पत्तियों पर कत्थई रंग आना सूक्ष्म तत्वों की कमी के कारण होता है. ऐसे में कॉपर सल्फेट और जिंक सल्फेट की 4 ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.

यदि आप बरसात के मुकाबले जाड़ें में अमरूद के बाग से अच्छा उत्पादन लेना चाहते हैं तो फलों की तुड़ाई करने के बाद नेप्थेलिन एसिटिक एसिड (100 पीपीएम) का छिड़काव करें और सिंचाई कम कर दें. इसके साथ ही पिछले मौसम में निकली कलंगियों की शाखाओं के अगले हिस्से को 10-15 सेंटीमीटर तक छांट दें. इससे पौधों की वृद्धि अच्छी होती है और फल भर-भरकर आते हैं.

रोगग्रस्त शाखाओं की कटाई-छंटाई के बाद करते रहें निराई-गुड़ाई

बागवान टूटी हुई, रोगग्रस्त और आपस में उलझी हुईं शाखाओं को भी काटकर पेड़ों से अलग कर दें. पेड़ की छंटाई के तुरंत बाद कॉपर ऑक्सीक्लोराइड की 3 ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. इसके साथ ही बोर्डो पेस्ट का शाखाओं के कटे भागों पर लेप लगाना फायेदेमंद रहता है. बागों की निराई-गुड़ाई और सफाई का कार्य करें. सीजन में अमरूद के नवरोपित बागों की सिंचाई करना भी लाभकारी होता है.

ये भी पढ़ें-Litchi Cultivation 2022-23 : वैज्ञानिक विधि से करें लीची की खेती, किसानों को मिलेगा अच्छा फल

ऐसे करें फलों का भंडारण

फल वैज्ञानिक के मुताबिक, जनवरी में अमरूद के बाग से फलों की तुड़ाई काम करनी चाहिए. तुड़ाई का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है. इस समय फलों से अच्छी सुगंध भी आती है. पके फलों को तोड़े गए अन्य फलों के साथ न रखें. प्रत्यके फल को अखबार में रखें. इस फलों का रंग सुंदर रहता है. पेटी के आकार के अनुसार ही उसमें फलों को रखें.

English Summary: Horticulture experts new advisory to guavava farmers for winter production Published on: 18 November 2022, 05:02 IST

Like this article?

Hey! I am मनीष कुमार. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News