1. पशुपालन

बकरी की इन 2 नस्लों के पालन से होगा मुनाफ़ा, जानें इनकी संपूर्ण जानकारी

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Goat Rearing

Goat Rearing

आजकल पशुपालकों का रूझान छोटे पशुओं की ओर ज्यादा बढ़ रहा है, क्योंकि छोटे पशुओं को पालने में कम लागत लगती है, लेकिन ज्यादा मुनाफा होने की गुंजाइश रहती है. मौजूदा समय में देशभर में बकरियों की कई उन्नत नस्लों का पालन किया जा रहा है.

इनका पालन करके अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है, लेकिन कई बार स्थानीय पशुपालक समझ नहीं पाते हैं कि उन्हें बकरी की कौन-सी उन्नत नस्लों का पालन करना चाहिए. अगर आप भी ऐसे में पशुपालकों में शामिल हैं तो आज हम सिरोही और ब्लैक बंगाल बकरी की जानकारी देने वाले हैं. इन बकरियों का पालन झारखंड समेत अन्य राज्यों के पशुपालक कर सकते हैं.

ब्लैक बंगाल

इस नस्ल की बकरियां झारखंड समेत पश्चिम बंगाल, असोम, उत्तरी उड़ीसा और बंगाल में पाई जाती हैं.  इनके शरीर पर काला, भूरा व सफेद रंग का छोटा रोंआ पाया जाता है. इनका कद छोटा होता है. नर और मादा, दोनों में आगे की ओर सीधा निकला हुआ सींग पाया जाता है, जो कि 3 से 4 इंच का होता है.  इनका शरीर गठीला होता है, साथ ही आगे से पीछे की ओर ज्यादा चौड़ा और बीच में अधिक मोटा होता है. इनका कान छोटा, खड़ा और आगे की ओर निकला रहता है.

ब्लैक बंगाल बकरी का वजन

वयस्क नर का वजन करीब 18 से 20 किलो ग्राम का होता है. इसके साथ ही मादा का वजन 15 से 18 किलो ग्राम का होता है.

ब्लैक बंगाल बकरी से दूध उत्पादन

एक मादा बकरी रोजाना 3 से 4 महीने तक 300 से 400 मिली दूध दे सकती है.

सिरोही बकरी

यह बकरी झारखंड के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पाली जाती है. इनका आकार छोटा होता है. इस नस्ल का शरीर भूरे रंग का होता है और शरीर पर हल्के या भूरे रंग के धब्बे भी होते हैं.  इसके कान चपटे और लटके हुए होते हैं और सींग मुड़े हुए होते हैं. इनके बाल भी छोटे और मोटे पाए जाते हैं.

सिरोही बकरी का वजन

  • प्रौढ़ नर बकरी का भार 50 किलो होता है, तो वहीं प्रौढ़ बकरी का भार 40 किलो होता है.

  • नर सिरोही के शरीर की लंबाई करीब 80 सैं.मी. होती है.

  • मादा सिरोही की लंबाई लगभग 62 सैं.मी. होती है.

सिरोही बकरी से दूध उत्पादन

इस बकरी की रोजाना दूध की औसतन उपज 0.5 किलो और प्रति ब्यांत में औसतन उपज 65 किलो होती है.

बकरियों का दाना

यह बकरी दाना के रूप में चोकर और दानाफली ज्यादा खाती हैं. बकरी पालन में सुबह-शाम 2 घंटा देना होता है. अगर आप बकरी को सूखा भूसा खिलाते हैं, तो यह बकरी के लाभकारी होगा और सस्ता भी पड़ेगा. आप दलहन का सूखा भूसा खिला सकते हैं. यह आपके लिए बहुत फायदेमंद रहता है. इसके साथ ही सस्ते दामों पर भी मिल जाता है.

बकरियों की कीमत

इन नस्लों की कीमत 5 से 6 हजार रुपए होती है.

संपर्क सूत्र

झारखंड बकरी फार्म      
गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड
9905274413

English Summary: Sirohi and Black Bengal breed of goat will make good profit

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