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श्रमिकों को भ्रमण-तीर्थ के लिए 12 हजार और उनकी बेटियों को किताबों के लिए मिलेंगे 7,500 रुपए, जानें क्या हैं ये खास योजनाएं

Yogi

कोरोना काल में लगे लॉकडाउन की वजह से ग्रामीण क्षेत्र, श्रमिकों और उनके परिवारों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. इस दौरान श्रमिकों ने आर्थिक तंगी का मार बहुत झेली है. ऐसे में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उनकी  मदद करने का फैसला लिया है. दरअसल, श्रम कल्याण परिषद की तरफ से कुछ खास योजनाए लागू की गई हैं. इसके तहत श्रमिकों को भ्रमण-तीर्थ और उनकी उच्च शिक्षा ले रही बेटियों को किताबों के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. इतना ही नहीं, खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी. आइए आपको इन खास योजनाओं के बारे में बताते हैं. 

यूपी सरकार द्वारा लागू योजनाएं 

  • स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना

  • महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय आर्थिक सहायता योजना

क्या है स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना

इस योजना के तहत श्रमिकों को धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए 12 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी. इस योजना को आइसीटीसीआर या पर्यटन विभाग की किसी अन्य योजना के माध्यम से चलाया जाएगा. 

क्या है महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय आर्थिक सहायता योजना

इस योजना के तहत कारखानों में काम करना वाले श्रमिकों की उच्च शिक्षा में अध्ययनरत बेटियों को किताबें खरीदने के लिए 7500 रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके अलावा खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देगी. बता दें कि इस योजना के तहत जिला स्तर पर बच्चों का 10 हजार रुपए, राज्य स्तर पर 25 हजार रुपए, राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर 2 लाख रुपए की  प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. 



English Summary: The UP government will give Rs 12,000 to the workers for pilgrimage and Rs 7,500 to their daughters for books

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