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खुशखबरी! किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, 25 साल तक होगी तगड़ी कमाई

Solar Electricity Business: राजस्थान में किसान अब अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रिड को बिजली बेच सकते हैं. पीएम-कुसुम योजना के तहत सरकार दे रही है सब्सिडी और 25 साल तक 3.04 रुपये प्रति यूनिट का तय टैरिफ. यह योजना किसानों, किसान समूहों और कोऑपरेटिव्स के लिए खुली है. जानिए आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, टैरिफ और जरूरी शर्तें.

मोहित नागर
मोहित नागर
Solar Energy Subsidy India
किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली (Pic Credit - FreePic)

Farmers Earn from Solar Energy: अब तक आपने सोलर पैनल का इस्तेमाल केवल घर की छत या खेतों में सिंचाई के लिए किया होगा, लेकिन राजस्थान सरकार ने किसानों को आम उपभोक्ता से आगे बढ़ाकर ऊर्जा उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब किसान खुद का सोलर पावर प्लांट लगाकर न सिर्फ अपनी जरूरत की बिजली बना सकेंगे, बल्कि उसे बेचकर नियमित कमाई भी कर पाएंगे. राज्य सरकार ने केंद्र की पीएम-कुसुम योजना के तहत एक नई स्कीम शुरू की है, जिसमें किसानों को ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट लगाने की छूट दी गई है. इसके लिए सरकार ने बाकायदा टेंडर जारी किया है और किसानों, किसान समूहों और कोऑपरेटिव संस्थाओं से आवेदन मांगे हैं.

किसे मिलेगा फायदा?

जिन किसानों की जमीन किसी बिजली सबस्टेशन के पास है, वे इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी बन सकते हैं. उन्हें अपनी जमीन पर 1 मेगावाट या इससे अधिक क्षमता का सोलर प्लांट लगाने की इजाजत मिलेगी, जिससे बनी बिजली सीधे ग्रिड में भेजी जाएगी और तय रेट पर बिकेगी.

क्या है बिजली की कीमत?

सरकार ने बिजली का टैरिफ 3.04 रुपये प्रति यूनिट (kWh) तय किया है, जो पूरे 25 साल तक फिक्स रहेगा. यानी एक बार प्लांट लग गया, तो अगले ढाई दशक तक किसानों को सुनिश्चित आय होती रहेगी.

कितनी जमीन लगेगी?

1 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए करीब 1.5 से 2 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी. जो किसान जमीन लीज पर देंगे, उन्हें 80,000 से 1,60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक किराया मिल सकता है, जिसमें हर दो साल में 5% बढ़ोतरी भी तय की गई है.

आवेदन और शुल्क

इस योजना में आवेदन के लिए किसानों को कुछ सामान्य शुल्क चुकाने होंगे:

  • RISL शुल्क – ₹2,950
  • आवेदन शुल्क – ₹5,000 प्रति मेगावाट
  • EMD (Earnest Money Deposit) – ₹1 लाख प्रति मेगावाट

खास बात ये हैं कि इसमें भाग लेने के लिए कोई तकनीकी या वित्तीय योग्यता की बाध्यता नहीं है. यानी छोटे किसान भी इसमें भाग ले सकते हैं, बशर्ते उनकी जमीन सबस्टेशन के पास हो.

क्या है पीएम-कुसुम योजना?

प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उद्देश्य देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है. इसी योजना के तहत किसानों के डीजल और बिजली से चलने वाले पंपों को सोलर पैनल से जोड़ा जा रहा है. इससे जहां किसानों का बिजली खर्च घट रहा है, वहीं सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी कम हो रहा है और पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिल रही है.

English Summary: rajasthan farmers earn from solar energy benefits pm kusum scheme apply now Published on: 04 April 2025, 10:43 IST

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