
Diggi Anudan Yojana: राजस्थान सरकार ने राज्य के किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से डिग्गी अनुदान योजना की शुरुआत की है. इस योजना के अंतर्गत किसान अपने खेतों में डिग्गी (पानी संग्रहण टैंक) का निर्माण कर सकते हैं, जिससे वे समय पर फसलों की सिंचाई कर सकें और बेहतर उपज प्राप्त कर सकें.
क्या है डिग्गी अनुदान योजना?
राजस्थान में कई क्षेत्रों में समय पर वर्षा नहीं होने या पानी की उपलब्धता न होने के कारण फसलें खराब हो जाती हैं. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने डिग्गी अनुदान योजना लागू की है. योजना के तहत किसानों को डिग्गी निर्माण पर 75% से 85% तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाती है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
- लघु एवं सीमांत किसानों को डिग्गी निर्माण पर 85% तक का अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 4 लाख रुपए है.
- सामान्य वर्ग के किसानों को 75% तक का अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम राशि 3 लाख रुपए निर्धारित की गई है.
योजना का लाभ
- किसान अपने खेतों में पानी जमा करके सिंचाई की समस्या से निजात पा सकते हैं.
- समय पर सिंचाई होने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होगी.
- किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
- जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
- योजना का लाभ राजस्थान के मूल निवासी किसानों को ही मिलेगा.
- किसान के पास कम से कम 1 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए.
- सभी श्रेणी के किसान आवेदन कर सकते हैं, लेकिन सब्सिडी श्रेणी के अनुसार दी जाएगी.
- किसान का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए.
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक
- भूमि का राजस्व रिकॉर्ड
- खेत का नक्शा
- सिंचाई जल स्रोत से संबंधित दस्तावेज
- निवास प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
राज्य के इच्छुक किसान डिग्गी अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- सबसे पहले https://rajkisan.rajasthan.gov.in/) पर जाएं.
- पोर्टल पर ‘किसान’ विकल्प में जाकर ‘सेवाएं’ अनुभाग से ‘डिग्गी’ का चयन करें.
- योजना की जानकारी पढ़ने के बाद नीचे दिए गए "आवेदन करें" बटन पर क्लिक करें.
- आवेदन फॉर्म भरें और सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें.
- फॉर्म पूरा होने के बाद सबमिट कर दें.
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित कृषि विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के लगभग 45 दिनों के भीतर अनुदान राशि किसान के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
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