1. Home
  2. सरकारी योजनाएं

Goat Farming Subsidy: बकरी पालन पर 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी! 100 बकरियों की यूनिट लगाकर शुरू करें अपना बिजनेस

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी पालन की 100 बकरियों और पांच बकरों की इकाई स्थापित करने पर 20 लाख रुपये की परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है. इच्छुक किसान और ग्रामीण युवा पात्रता, दस्तावेजों तथा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित पशुपालन विभाग से प्राप्त करें.

KJ Staff
KJ Staff
Goat Farming Subsidy
Goat Farming Subsidy

Goat Farming Subsidy: बकरी पालन के जरिए स्वरोजगार शुरू करने की योजना बना रहे किसानों, ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission - NLM) के तहत बकरी पालन इकाई स्थापित करने के नियमों में बदलाव किया गया है. नई व्यवस्था के अनुसार, अब लाभार्थियों को शुरुआत में 100 बकरियों की इकाई स्थापित करने का अवसर मिलेगा. इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को परियोजना की स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. इससे बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी शुरुआती निवेश का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है.

पहले इस योजना के तहत 100 से 500 बकरियों तक की इकाई स्थापित करने का प्रावधान था. अब नई व्यवस्था में पहले 100 बकरियों की इकाई स्थापित करनी होगी. यदि इसका संचालन बेहतर रहता है, तो भविष्य में व्यवसाय का विस्तार भी किया जा सकता है. आइए जानते हैं योजना की लागत, सब्सिडी, पात्रता से जुड़ी जरूरी बातें और आवेदन प्रक्रिया-

100 बकरियों की यूनिट पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 100 बकरियों और पांच बकरों की इकाई स्थापित करने के लिए परियोजना की कुल लागत 20 लाख रुपये बताई गई है. इस लागत के आधार पर पात्र लाभार्थियों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलने का प्रावधान है.

यदि 20 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत होता है, तो अनुदान की राशि 10 लाख रुपये होगी. शेष राशि की व्यवस्था लाभार्थी को योजना के निर्धारित नियमों और वित्तीय शर्तों के अनुसार करनी होगी. हालांकि, वास्तविक सहायता परियोजना की स्वीकृति और लागू दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी.

योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को शुरुआत में ही बड़ी इकाई स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होगी. वे 100 बकरियों से कारोबार शुरू कर सकते हैं और संचालन सफल रहने पर अपनी क्षमता के अनुसार इसे आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं.

बकरी पालन इकाई में पांच बकरे रखना भी जरूरी

योजना के तहत 100 बकरियों के साथ पांच बकरों की उपलब्धता भी अनिवार्य बताई गई है. यानी इकाई स्थापित करने की योजना बनाते समय लाभार्थियों को बकरियों के साथ बकरों की व्यवस्था भी करनी होगी.

नई व्यवस्था का उद्देश्य बकरी पालन को चरणबद्ध तरीके से बढ़ावा देना है, ताकि इच्छुक लोग अपनी आर्थिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और व्यवसाय के अनुभव के अनुसार इकाई का संचालन कर सकें. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

राष्ट्रीय पशुधन मिशन में पशुपालन विभाग की भूमिका

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के संचालन के लिए पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. विभाग के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दिनों गोरखपुर आए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने चयनित 13 लाभार्थियों के साथ बैठक में नई व्यवस्था की जानकारी दी थी. इस दौरान बताया गया कि 100 बकरियों की इकाई का संचालन बेहतर रहने पर इसका विस्तार किया जा सकता है. इसके लिए बकरियों की संख्या 100 के गुणांक में बढ़ाने की व्यवस्था होगी.

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह गौर के अनुसार, यह योजना ग्रामीण युवाओं, किसानों और पशुपालन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए स्वरोजगार का अवसर बन सकती है.

बकरी पालन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोगों को सबसे पहले राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लागू दिशा-निर्देशों और अपने राज्य में उपलब्ध आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए. आवेदन से पहले संबंधित पशुपालन विभाग या जिला कार्यालय से यह भी सुनिश्चित कर लें कि योजना के लिए आवेदन खुले हैं और कौन-सा पोर्टल अधिकृत है.

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हो सकते हैं:

  1. आधिकारिक पोर्टल की जानकारी लें: राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट https://nlm.udyamimitra.in/ या संबंधित राज्य के पशुपालन विभाग के पोर्टल पर जाएं.

  2. पात्रता और शर्तें जांचें: परियोजना लागत, अनुदान, वित्तीय व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े दिशा-निर्देश पढ़ें.

  3. ऑनलाइन आवेदन भरें: पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी सही-सही दर्ज करें.

  4. दस्तावेज जमा करें: निर्धारित दस्तावेजों और परियोजना से जुड़ी जानकारी को निर्देशों के अनुसार अपलोड करें.

  5. आवेदन की जांच का इंतजार करें: संबंधित विभाग दस्तावेजों और परियोजना प्रस्ताव की जांच कर सकता है. स्वीकृति मिलने के बाद ही इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं.

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?

आवेदन के दौरान पहचान और पते के प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी, जमीन या लीज से जुड़े दस्तावेज और परियोजना प्रस्ताव जैसे कागजात मांगे जा सकते हैं. दस्तावेजों की सटीक सूची योजना के वर्तमान दिशा-निर्देशों और राज्य की प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है.

यदि आवेदक ने कृषि विज्ञान केंद्र या किसी अन्य मान्यता प्राप्त संस्थान से बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया है, तो प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी उपयोगी हो सकता है. हालांकि, इसे अनिवार्य मानने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि कर लें.

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

बकरी पालन इकाई स्थापित करने से पहले पशुओं के लिए पर्याप्त जगह, चारा, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और नियमित देखभाल की व्यवस्था पर विचार करना जरूरी है. इसके साथ ही परियोजना की वित्तीय जरूरतों और अनुदान प्राप्त करने की शर्तों को अच्छी तरह समझें.

ध्यान रखें कि 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ पात्रता, परियोजना की स्वीकृति और लागू नियमों के अधीन है. इसलिए किसी भी एजेंट को भुगतान करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें. इच्छुक लाभार्थी अपने जिले के पशुपालन विभाग से संपर्क करके आवेदन की वर्तमान स्थिति, जरूरी दस्तावेज और अनुदान संबंधी शर्तों की पुष्टि कर सकते हैं.

English Summary: goat farming subsidy national livestock mission 50 percent subsidy 100 goats unit Published on: 26 October 2026, 11:38 IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News