1. सरकारी योजनाएं

बारिश व ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान पर मिल रही है 13,500 की सब्सिडी

फरवरी में असमय बारिश, आंधी व ओलावृष्टि के कारण बिहार के किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है. अब बिहार सरकार ने किसानों की इस क्षति को पूरा करने के लिए प्रति हेक्टयर 13500 रुपये सब्सिडी देने का फैसला लिया है. राज्य के 11 जिलों से रबी फसल  की 2019-20 में हुई क्षति की रिपोर्ट मिल चुकी है. जिन जिलों से अभी फसल नुकसान की रिपोर्ट मिली है वो औरगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर व वैशाली हैं .  इन जिलों के किसान फसल नुकसान के मुवाबाजे के लिए 23 तारीख तक आवेदन कर सकते हैं.

कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का मुआवजा किसानों को दिया जायेगा. यह मुआवजा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदा के तहत निर्धारित सहायता मापदंड के अनुरूप दिया जायेगा . असिंचित क्षेत्र के लिए 6,800 और सिंचित क्षेत्रों के लिए 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर सब्सिडी दी जायेगी. बता दें कि एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए सब्सिडी ले सकता है. प्रभावित किसान को कम से कम 1,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी.

इस सब्सिडी योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जो पहले से किसान पात्रता सूची में पंजीकृत हैं. जो किसान अभी तक किसान पात्रता सूची में पंजीकृत नहीं हैं वे कृषि विभाग की वेबसाइट www.krishi.bih.nic.in पर दिए लिंक dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन सकते हैं. यदि किसान चाहें तो कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर भी 10 रुपये सुविधा शुल्क देकर आवेदन करा सकते हैं. जो भी राशि किसानों को सहायता के रूप में दी जायेगी, वो सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांजेक्शन के माध्यम से भेजी जायेगी. इसलिए किसान उन्हीं खातों की जानकारी दें जो आधार से जुड़े हों. मौजूदा जानकारी के अनुसार 1 लाख 41 हजार 853 किसानों ने कृषि अनुदान के लिए आवेदन किया है.

English Summary: 13,500 subsidy on crop damage due to rain and hail

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