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पीली सरसों की इन 3 उन्नत किस्मों की करें बुवाई, होगी अच्छी पैदावार

पीली सरसों की खेती खरीफ के अलावा रबी सीजन में की जाती है. इसकी अच्छी किस्मों की खेती करके किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं पीली सरसों की वैज्ञानिक खेती कैसे करें और इसकी प्रमुख उन्नत किस्में कौन-सी है-

श्याम दांगी
Mustard
Mustard

पीली सरसों की खेती खरीफ के अलावा रबी सीजन में की जाती है. इसकी अच्छी किस्मों की खेती करके किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं पीली सरसों की वैज्ञानिक खेती कैसे करें और इसकी प्रमुख उन्नत किस्में कौन-सी है-

सरसों के बीज की मात्रा (Mustard seeds quantity)

एक हेक्टेयर में पीली सरसों के खेती के 4 किलो बीज की आवश्यकता पड़ती है. वहीं बुवाई से पहले बीज को अनुशंसित दवा से बीज उपचार कर लेना चाहिए. 

सरसों की बुवाई का समय (Mustard sowing time)

रबी सीजन में इसकी बुवाई का सही समय 15 सितंबर से शुरू हो जाता है. 

सरसों की फसल के लिए खाद एवं उर्वरक (Manure and Fertilizer for Mustard Crop)

सरसों की अच्छी पैदावार के लिए सिंचित क्षेत्र में नाइट्रोजन 80 किलोग्राम, फास्फेट 40 किलोग्राम और पोटाश 40 किलोग्राम उपयुक्त होता है. जबकि असिंचित क्षेत्र के लिए नाइट्रोजन 40 किलोग्राम, फास्फेट 30 ग्राम और पोटाश 30 किलोग्राम देना चाहिए. वहीं खेत की तैयारी के दौरान प्रति हेक्टेयर 40 क्विंटल गोबर की सड़ी खाद डालना चाहिए.  

सरसों की बुवाई कैसे करें (How to sow mustard)

सरसों की बुवाई छिटकन विधि से की जाती है. कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर रखें. बीज की 3 से 4 सेंटीमीटर रखें. पाटा लगाकर बीज को मिट्टी में ढक देना चाहिए. 

सरसों की फसल की निराई-गुड़ाई (Mustard Crop Weeding hoeing)

12 से 15 दिन के बाद फसल की निराई गुड़ाई करके के खरपतवार को निकाल देना चाहिए. वहीं पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 से.मी. कर देना चाहिए. इससे पैदावार में भी बढ़ोत्तरी होती है.  

सरसों की फसल की सिंचाई (Mustard crop irrigation)

पीली सरसों की फसल में सामान्य सरसों की तरह फूल निकलने तक सिंचाई कर रहना चाहिए. वहीं खेत में अच्छे जल निकास की व्यवस्था करना चाहिए.

सरसों की फसल का प्रमुख रोग (Major disease of mustard crop)

आरा मक्खी- यह कीट सरसों के पत्तों को छेद करके नुकसान पहुंचाता है. इसकी तीव्रता के कारण पौधा पत्ती विहीन हो जाता है और फसल चौपट हो जाती है. इस कीट की सूंडियाँ काले स्लेटी रंग की होती है. 

चित्रित बग- यह कीट लाल और नारंगी का होता है, जो पौधे की पत्तियों के अलावा शाखाओं, तनों, फूलों और फलियों पर प्रहार करता है. 

बालदार सूड़ी-इस कीट की सूड़ी काले और नारंगी रंग की तथा यह बालों से पूरी तरह ढका होता है. यह पौधे को तेजी से पत्ती विहीन कर देता है.

माहूँ- यह पीले रंग का कीट होता है जो पौधो की पत्तियों के अलावा तने के नाजुक हिस्से, फूलों और फलियों को चूसता है. 

English Summary: yellow mustard top 3 variety in india Published on: 24 October 2020, 05:30 IST

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