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सरसों की उन्नत किस्म पूसा डबल जीरो सरसों 31 से पाएं बंपर पैदावार, ये है खेती का सही तरीका

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भारत में सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है जो रबी के मौसम में सीजन में बोई जाती है. अन्य फसलों की तुलना में सरसों की खेती में कम सिंचाई और कम लागत की जरूरत पड़ती है. वहीं इससे लाभ भी अच्छा मिलता है. आज हम आपको सरसों की नई और उन्नतशील किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसकी खेती करके किसान अन्य किस्मों की तुलना में सरसों की दौगुनी पैदावार ले सकते हैं. तो आइये जानते हैं उत्तर प्रदेश के नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह से इस किस्म की खासियत और इसकी खेती का सही तरीका -

इस किस्म की खासियत-

कृषि जागरण से बात करते हुए डॉ नरेन्द्र सिंह ने बताया कि ''सरसों की उन्नत किस्म ‘पूसा डबल जीरो सरसों 31’ किस्म की खेती किया है. जिसे नई दिल्ली स्थित पूसा संस्थान ने 2017 में जारी किया था. जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर किस्म है.जहां सामान्य सरसों में इरूसिक एसिड मात्रा की 40 प्रतिशत और ग्लूकोसिनोट्स की मात्रा 120 पीपीएम (पार्टस ऑफ़ मिलियन) होती है. वहीं इस किस्म में इन दोनों तत्वों मात्रा बेहद कम होती है. इस किस्म की सरसों इरुसिक एसिड की 2 प्रतिशत और ग्लूकोसिनोट्स की 30 पीपीएम ही होती. जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नहीं बढ़ती है. लिहाजा, इसका तेल ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के खतरों को कम करता है.''

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कैसे करें खेत की तैयारी-

सरसों की पूसा 31 किस्म की बुवाई के लिए सबसे पहले एक बार सामान्य जुताई करना चाहिए. इसके बाद दो जुताई हैरो से 1 जुताई रोटीवेटर से करना चाहिए. 

खाद और उर्वरक-

डॉ सिंह का कहना है कि इस किस्म की अच्छी पैदावार के लिए प्रति एकड़ नाइट्रोजन 60 किलो, फास्फोरस 40 किलो, पोटाश 20 किलो के अतिरिक्त 14 से 16 किलो सल्फर भी डालना चाहिए.

समय और बीज मात्रा-

इसके लिए प्रति एकड़ 2 किलो बीज की आवश्यकता पड़ती है. वहीं बुवाई से पहले बीजों को अनुशंसित दवाई बीजोपचार कर लेना चाहिए. इसकी बुवाई अक्टूबर माह के अंत तक देना चाहिए. इसकी बुवाई के लिए पंक्ति से पंक्ति की दूरी 45 सेंटीमीटर, पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर होना चाहिए. वहीं बीज को मिट्टी के अंदर 2-3 सेंटीमीटर की गहराई में बोना चाहिए. 

निराई-गुड़ाई एवं सिंचाई - अन्य फसलों की इसकी भी समय-समय पर निराई-गुड़ाई करना चाहिए. वहीं इसमें 2-3 सिंचाई करने की आवश्यकता पड़ती है. सरसों की यह किस्म 140 दिनों में पक जाती है. उपज की बात करें तो प्रति एकड़ 5 से 10 क्विंटल तक ली जा सकती है.

संपर्क-

अधिक जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह से इस नंबर पर बात कर सकते हैं.

मोबाइल नंबर : 94571-68051 



English Summary: variety of pusa 31 mustard will get rid of cholesterol farmer income will also be doubled

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