MFOI 2024 Road Show
  1. Home
  2. खेती-बाड़ी

Radish Cultivation: कम लागत में मूली की इन टॉप 10 किस्मों की करें खेती, होगी बंपर कमाई

Top 10 Varieties of Radish: अगर आप मूली की खेती/Mooli ki Kheti से अधिक पैदावार प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए मूली की टॉप 10 उन्नत किस्मों की जानकारी लेकर आए हैं, जो 30-50 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इसके अलावा यह किस्में कम लागत में अधिक पैदावार देने में सक्षम है.

लोकेश निरवाल
मूली की टॉप 10 उन्नत किस्में
मूली की टॉप 10 उन्नत किस्में

किसानों के लिए सब्जियों की खेती काफी लाभकारी होती है, क्योंकि बाजार में हमेशा सब्जियों की मांग बनी रहती है. ऐसे में अगर अपने खेत में सब्जियों की खेती करने के बारे में विचार कर रहे हैं, तो आज हम आपके लिए मूली की टॉप 10 उन्नत किस्मों/ Top 10 Varieties of Radish की जानकारी लेकर आए हैं. दरअसल, मूली की खेती से किसान अपनी आय को दोगुना बढ़ा सकते हैं. क्योंकि मूली की ये उन्नत किस्में  कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली हैं.

जिन मूली की उन्नत किस्मों की हम बात कर रहे हैं. वह किस्म पूरी तरह से पकने में लगभग 30-50 दिन का समय लेती है. ऐसे में आइए मूली की इन टॉप 10 उन्नत किस्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं...

मूली की टॉप 10 उन्नत किस्में/ Top 10 Varieties of Radish

मूली पूसा हिमानी किस्म: इस किस्म की जड़े करीब 30-35 सेंटीमीटर लंबी और मोटी होती है. पूसा हिमानी मूली की किस्म खाने में हल्की तीखी लगती है. मूली की यह किस्म  50-60 दिन में पककर तैयार हो जाती है. किसान मूली की पूसा हिमानी किस्म से  प्रति हेक्टेयर 320-350 क्विंटल उपज प्राप्त कर सकते है.

मूली की पंजाब पसंद किस्म:  मूली की यह किस्म 45 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म की मूली की जड़ें लंबी, रंग सफेद होता है. किसान मूली की पंजाब पसंद किस्म से प्रति हेक्टेयर 215 -235 क्विंटल पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

मूली की जापानी सफेद किस्म: मूली की यह किस्म कम तीखी, मुलायम और बेहद चिकनी होती है. यह उन्नत किस्म 45-55 दिन में पक जाती है. मूली की जापानी सफेद किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 250-300 क्विंटल तक उपज पा सकते हैं.

मूली की पूसा रेशमी किस्म: यह किस्म मध्यम मोटी, कम तीखी और चिकनी होती है. खेत में मूली की यह किस्म 55-60 दिन में पक जाती है. किसान मूली की पूसा रेशमी किस्म से प्रति हेक्टेयर 315-350 क्विंटल पैदावार पा सकते हैं.

मूली की रैपिड रेड व्हाइट टिपड किस्म: मूली की रैपिड रेड व्हाइट टिपड किस्म का छिलका लाल रंग का होता है. वहीं, इस मूली की जड़ें छोटी होती है. खाने में यह मूली चरपरी होती है. मूली की रैपिड रेड व्हाइट टिपड किस्म खेत में 25-30 दिन में पक जाती है.

हाइब्रिड मूली क्रॉस एक्स 35:  इस किस्म की यह मूली 18-22 सेंटीमीटर लंबी होती है. इसका कुल वजन 480 ग्राम तक होता है. यह किस्म खेत में 30-35 दिन में पक जाती है. इसकी जड़ें सफेद रंग की होती है. किसान इस किस्म की मूली की बुवाई साल भर कर सकते हैं.

हाइब्रिड मूली एसकेएस 55:  मूली की यह खेत में 40-42 दिन में पक जाती है. इस किस्म की मूली का वजन 550 ग्राम तक होता है. इस किस्म की मूली की लंबाई 30-35 सेमी होती है. इसकी जड़ का रंग चमकदार सफेद जड़ का आकार बेलनाकार होता है. हाइब्रिड मूली एसकेएस 55 किस्म  का स्वाद हल्का तीखापन होता है.

हाइब्रिड मूली एचआरडी 18:  मूली की यह हाइब्रिड किस्म 40-45 दिन में पक जाती है. इसकी जड़ की लंबाई 35-40 सेमी, जड़ का घेरा 8.5 सेमी, जड़ का रंग चमकदार सफेद और आकार बेलनाकार होती है. यह मूली खाने में हल्की तीखी होती है. किसान इस किस्म से कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

हाइब्रिड मूली एचआरडी 24:  मूली की यह किस्म 35 दिन में पक जाती है. इस किस्म की मूली की जड़े की लंबाई 20-25 सेमी होती है. इस किस्म की मूली की जड़ चिकनी और सफेद रंग की होती है. इसकी जड़ें परिपक्कता के बाद भी लंबे समय तक मिट्टी में रह सकती है.

हाइब्रिड मूली फर्राटा 31:  मूली की यह किस्म 28-34 दिन में पक जाती है. इस किस्म की जड़ का वजन 450 ग्राम,  जड़ की लंबाई 25-30 सेमी, जड़ का घेरा 7.6 सेमी और जड़ का रंग चमकदार सफेद होता है. मूली की यह हाइब्रिड किस्म खाने में हल्की तीखी होती है. यह किस्म अधिक उपज देती है. इसके अलावा यह किस्म गर्मी सहन करने वाली है.

English Summary: Top 10 Varieties of Radish Cultivation mooli ki kheti Radish crop Published on: 01 April 2024, 06:45 PM IST

Like this article?

Hey! I am लोकेश निरवाल . Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News