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मालामाल कर सकती है ब्रोकली, जानिए खेती का सही तरीका

सिप्पू कुमार
सिप्पू कुमार
brocali

ब्रोकली सिर्फ देखने में ही फूलगोभी जैसी प्रतीत नहीं होती बल्कि इसकी खेती भी लगभग फूलगोभी जैसी ही होती है. इसके एवं फूलगोभी के बीज में भारी समानता पाई जाती है और ये देखने में भी एक समान ही होते हैं. हालांकि दोनों के गुण और स्वाद एक दूसरे से भिन्न हैं.

ब्रोकली पूरी तरह से हरे रंग का होता है और इसलिए कुछ लोग इसे हरी गोभी भी कहते हैं. आमतौर पर उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में जाड़े के दिनों में इन सब्जियों की खेती की जाती है. चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ब्रोकली की खेती का सही तरीका क्या है.

ब्रोकली की खेती के लिए सही समय

उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र ब्रोकोली की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माने गए हैं. जाड़े के मौसम में जैसे सितम्बर मध्य के बाद से फरवरी तक इसकी खेती की जा सकती है. बुलई मिट्टी पर इसकी खेती करना और आसान है. सितम्बर मध्य से नवम्बर के शुरूआत में पौधा तैयार किया जा सकता है. फूलगोभी की तरह ही इसकी नर्सरी को तैयार किया जाता है. वैसे ब्रोकोली की सभी किस्में लगभग विदेशी ही हैं.

उपयुक्त जलवायु

ब्रोकली की खेती के लिए ठंडी और आद्र जलवायु की जरूरत है. लंबी रातों वाले मौसम में ये अधिक लाभकारी है. इसका फूल कम तापमान में अधिक हरा और बड़ा होता है.

brocsli

प्रजातिया
मुख्य तौर पर भारत में ब्रोकली की तीन किस्मों की भारी मांग है जो श्वेत , हरी और बैंगनी रंग की होती है. हरे रंग की गंठी हुई शीर्ष वाली किस्मों की मांग सबसे अधिक होती है. इनमे नाइन स्टार, पेरिनियल, इटैलियन ग्रीन स्प्राउटिंग प्रमुख किस्में है.

कटाई का समय

ब्रोकली की फ़सल में हरे रंग की कलियों के मुख्य गुच्छे बनकर तैयार होने पर आप इसकी कटाई कर सकते हैं. आमतौर पर रोपण के 65-70 दिन बाद ये कटाई के लिए तैयार हो जाते है. तेज़ चाकू या दरांती की सहायता से कटाई की जा सकती है. कटाई के समय ये ध्यान रखना जरूरी है कि गुच्छा गुंथा हुआ हो और उसमें कोई कली खिली ना हो.

English Summary: this is the right method of broccoli crop production know more about broccoli crop

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