1. खेती-बाड़ी

बागवानी करने के लिए राज्य सरकार दे रही है 50 हजार रुपये की सब्सिडी

मनीशा शर्मा
मनीशा शर्मा
horticulture

जितनी तेजी से जनसंख्या में वृद्धि और पेड़ों की कटाई हो रही है उसके मद्देनजर ये सोचना लाज़मी है कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ कैसे लगाया जाए जिससे तापमान में वृद्धि न हो और खाद्यान्न पर विशेष प्रभाव न पड़े. इसी के मद्देनजर बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है. दरअसल राज्य में बढ़ रहे तापमान को लेकर बिहार सरकार चिंतित नजर आ रही है. इस समस्या के छुटकारा पाने के लिए अब सरकार ने एक  नई योजना बनाई है. बिहार उद्यान विभाग ने किसानों की मदद करने के लिए एक नई पहल शुरू की है.इसके अंतर्गत विभाग अब किसानों को मुफ्त में पौध उपलब्ध कराएगा.

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गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत पौधारोपण के बाद पौध की देखरेख के लिए विभाग 50 हजार रुपए का अनुदान भी देगा. बीते दिनों  इस योजना को लेकर जिला उद्यान पदाधिकारी ज्ञानचंद ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि ये योजना किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती है. इस योजना से एक साथ दो काम होंगे. पहला पर्यावरण की रक्षा भी होगी और दूसरा किसानों को मुनाफा भी होगा.

इसके तहत किसान महंगी फलदार वृक्षों की बागवानी करके अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते है.

इन पौधों की बागवानी करने पर अनुदान मिलेगा


जिला उद्यान पदाधिकारी ने आगे बताया कि बिहार सरकार की ओर से कई श्रेणी के फलदार पौधे विशेषरूप से किसानों के लिए जारी किए गए हैं. जिनमें आम, अमरूद, पपीता और अन्य फलदार वृक्ष शामिल हैं. इन वृक्षों से पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी और वृक्ष लगाने वाले व्यक्ति को भारी मुनाफा भी होगा. उन्होंने आगे कहा कि किसान इसे अच्छा लाभ कमा सकते हैं.

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कितना अनुदान मिलेगा

किसान अगर 1 हेक्टेयर में आम, पपीता या अन्य फलदार वृक्षों की बागवानी करते हैं तो 1 हेक्टेयर जमीन पर उन्हें 50,000 रुपए की सब्सिडी मिलेगा. सरकार की ओर से इस योजना के तहत किसानों को पहले वर्ष 30,000 रुपए, दूसरे वर्ष 10,000 रुपए और तीसरे वर्ष 10,000 रूपए दिए जाएंगे. ऐसे में विभाग के द्वारा किसान को प्रति हेक्टेयर 3 साल में 50,000 रुपए का अनुदान दिया जाएगा.

English Summary: The state government is giving a subsidy of 50 thousand rupees for doing gardening.

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