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संतरे की खुशबू से महका नूरपुर

इस वक्त नूरपुर संतरों की खुशबू से महक उठा है। नूरपुर संतरे की खुशबू से क्षेत्र, प्रदेश और पड़ोसी राज्यों की मंडियों में नूरपुर के संतरे की बहुतायत पैदावार पहुंच रही है, जबकि क्षेत्र की दुकानें भी इस गहरे पीले रंग के संतरे की महक से सरोबार है। इस बार नूरपुर के संतरे की पैदावार को काफी अच्छा माना जा रहा है। हालांकि आने वाले समय में इन संतरों को और अच्छी बारिश की जरूरत है, क्योंकि पहले हुई बारिश से इस संतरे का साइज ठीक तरह से पूरा नहीं हो पाया है। इस समय पर नूरपुरी संतरा पूरी तरह से मार्केट में छाया हुआ है। यह संतरा लोकल मंडियों के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी पहली पसंद बना हुआ है। फिलहाल नूरपुर क्षेत्र में संतरे की दुकानों और सड़क के किनारे संतरे की काफी अच्छी बिक्री हो रही है। नूरपुर क्षेत्र में संतरे की काफी अच्छी बागवानी होती है और नूरपुर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर संतरे के पौधे लगाकर ज्यादा पैदावार की जा रही है। फिलहाल नूरपुर में नींबू प्रजाति के फलों में संतरा, माल्टा, मौसमी, नींबू और गमीरी आदि के फल लगे है। संतरों की खेती से किसानों और आसपास के दुकानदारों को भी काफी ज्यादा राहत मिल रही है।

यहां होती है पैदावार

नूरपुर क्षेत्र में संतरे की पैदावार रैहन, गोलवां, गलोह, जच्छा, वासा वजीरा, सुल्याली, भड़वार, इंदपुर और इंदौरा समेत विभिन्न तरह के क्षेत्रों में होती है। नूरपुर क्षेत्र में संतरे की विभिन्न किस्में पाई जाती है जिसमें मुख्य रूप से किनू, नूरपुरी संतरा, माल्टा और मौसमी मुख्य है। इनमें से सबसे ज्यादा किनू संतरे का उत्पादन होता है।

संतरे का आकार

इस संतरे का आकार आमतौर पर 200 से 400 ग्राम तक का होता है, परंतु सिंचाई के अभाव में इसकी पैदावार पर असर पड़ता है और यह कम ज्यादा भी हो सकता है। इस संतरे की तुड़ाई का समय दिसंबर के महीने में ही होता है और इसी महीने में इसकी मिठास काफी अच्छी हो जाती है। इस समय नूरपुर की सड़कों पर विभिन्न जगहों में सड़कों के किनारे पर नूरपुर क्षेत्र से पैदा होने वाले संतरे के फल बेचे जा रहे हैं और लोग उनको भारी मात्रा में खरीद रहे है।



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