1. खेती-बाड़ी

नींबू की खेती और लाभ

पिया कलवानी
पिया कलवानी

जहां एक तरफ विटामिन सी भरपूर मात्रा में होने की वजह से नींबू के कई औषधीय गुण होते हैं तो वहीं इसका स्वाद चाहे अचार के रूप में हो या नींबू पानी और शिकंजी के रूप में बहुत खास है. इसे सलाद और खाद्य पदार्थों में डालकर भी खाया जाता है. इसका पौधा झाड़ी नुमा होता है जोकि बड़ी ही आसानी से उगाया जा सकता है. अगर वैज्ञानिक तरीके से नींबू की खेती की जाए जो बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है. देश में कई किसान नींबू की खेती करके खूब लाभ उठा रहे हैं और आप भी नींबू की खेती कर बेहतर कमाई कर सकते हैं. नींबू की खेती करना कोई ज्यादा मुश्किल कार्य नहीं है इसलिए आप भी इसमें अपनी मेहनत आजमा सकते हैं. याद रहे जैविक तरीके से नींबू की खेती कर आप मुनाफे को दोगुना कर सकते हैं.

भारत में उगाई जाने वाली नींबू की किस्में

भारत में नींबू की अलग-अलग प्रजातियां उगाई जाती है. जिनमें मैंडरिन ऑरेंज: कुर्ग (कुर्ग और विलीन क्षेत्र), नागपुर (विदर्भ क्षेत्र), दार्जिलिंग (दार्जिलिंग क्षेत्र), खासी (मेघालय क्षेत्र), सुमिता (असम) खास है.

नींबू की खेती सबसे ज्यादा किन राज्यों में होती है? (Where the production of lemon does takes place the most)

वैसे तो पूरे भारत में नींबू की खेती की जाती है. अलग-अलग राज्यों के किसान नींबू की विभिन्न किस्में बोते हैं. नींबू का उत्पादन मुख्य तौर पर नींबू की खेती तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में किया जाता है.

नींबू की उन्नत खेती के लिए कैसी जलवायु/ मिट्टी (Best climate and soil for Lemon farming)

नींबू का पौधा लगाने का सबसे सही मौसम बरसात का होता है. जुलाई से अगस्त के बीच नींबू की पौध लगाना उचित रहता है. नींबू यानी लेमन लगभग हर तरह की मिट्टी में उग जाते हैं लेकिन अगर हल्की दोमट मिट्टी के साथ अच्छी जल निकासी की व्यवस्था हो तो ज्यादा अच्छा है. जो मिट्टी हल्की क्षारीय और तेजाबी होती है उसमें भी नींबू उग जाते हैं. नींबू के लिए सूखी जगहों को उपयुक्त माना जाता है जहां तेज और पाला रहित जलवायु रहती है. नींबू की खेती के लिए पहाड़ी क्षेत्र सबसे बेहतर है जहां 750 मि. मि से ज्यादा वार्षिक बारिश नहीं होती.

नींबू की खेती से कितनी उपज और कमाई होती है? (How much profit you can earn by the production of Lemon)

नींबू की खेती करने से लगभग 84 किलो नींबू की पैदावार प्रतिवर्ष हो जाती है. नींबू का बगीचा एक बार लगाते हैं तो पूरे 30 सालों तक वह बगीचा आबाद रहता है. एक नींबू का पौधा लगभग 3 साल बाद हमें फल देना शुरू करता है. नींबू की खेती से पूरा साल पैदावार होती रहती है लेकिन जुलाई से अक्टूबर का जो वक्त है इसमें सबसे ज्यादा नीबू मिलते हैं. नींबू की खेती से मुनाफा कमाने के लिए सबसे पहले तो बाजार से अपनी निर्भरता को घटाना जरूरी है. सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप जैविक खाद और कीटनाशक दवाइयां खुद ही अपने घरों में बनाएं और पुराने बीज संभाल कर रखें ताकि लागत कम से कम आए और मुनाफा ज्यादा हो. जैविक तरीके से नींबू की खेती करने पर 3 साल में लाखों की कमाई हो जाती है.

स्वास्थय के लिए कितना लाभकारी है नींबू? (Health Benefits of Lemon)

नींबू स्किन और बालों को चमकदार बनाने लिए बहुत लाभकारी है. बालों को सुंदर और चमकीला बनाने के लिए नींबू का रस बाल धोने से ठीक आधे घंटे पहले लगाएं. जिससे रूसी की परेशानी झट से गायब हो जाएगी और आपके बाल स्मूथ और सिल्की रहेंगे. दाग धब्बों से छुटकारा पाने के लिए और चेहरे पर ग्लो लाने के लिए नींबू का रस कच्चे दूध में मिलाकर लगाने से चेहरा खिल उठता है.

नींबू का अचार खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और नींबू का रस पीने से कब्ज की परेशानी दूर होती है. एसिडिटी से निजात पाने के लिए खाली पेट नियमित रूप से नींबू का रस पीना चाहिए.

बुखार में शरीर का तापमान भर जाता है लेकिन अगर उसी वक्त नींबू का रस पी लिया जाए तो बुखार में तुरंत आराम मिल जाता है.

नींबू के रस का सेवन ठीक तरीके से करने पर कफ या गले में दर्द की समस्या कम होती है.

नींबू में साइट्रिक एसिड पाया जाता है जोकि हड्डियों को मजबूत करने में उपयोगी है.

इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए गर्मियों में नींबू का सेवन हर दिन करना चाहिए.

जिन लोगों का ब्लड प्रेशर ठीक नहीं रहते उन्हे डॉक्टर नींबू पानी पीने की सलाह देते हैं.

डायरिया होने पर भी नींबू के रस का सेवन अत्यधिक फायदेमंद होता है.        

English Summary: Lemon cultivation and benefits

Like this article?

Hey! I am पिया कलवानी. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News