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Tissue Culture technique: इस नई तकनीक से फ्लास्क में बनेगा बेहद कीमती ‘मोती’, जानें क्या है टिशू कल्चर

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नोएडा में आयोजित इटंरनेशनल ट्रेड फेयर शो का आज अंतिम दिन है. इस मेले में 70 देशों के व्यापारी शामिल हुए. आयोजित मेले में शामिल मेहमानों को जैविक रत्न ‘मोती’ को बनाने की प्रक्रिया को दिखाया गया. प्रदर्शनी में पद्म विभूषित से सम्मानित हस्तियों को आमंत्रित के गए. आयोजन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा 21 सिंतबर गुरूवार को किया गया था.

वर्तिका चंद्रा
Pearl made using tissue culture technique
Pearl made using tissue culture technique

Pearl farming: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 21-25 सिंतबर को इंटरनेशनल ट्रेड शो (International Trade Show) का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की मौजूदगी में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा 21 सिंतबर गुरूवार को किया गया था, जिसका आज अंतिम दिन है. इस प्रदर्शनी में शामिल एक्वाकल्चर वैज्ञानिक अजय कुमार सोनकर ने जैविक रत्न ‘मोती’ को बनाने की नई तकनीकी प्रक्रिया को दिखाया. इस प्रदर्शनी में कई देशों के व्यापारी शामिल हुए और 2000 उत्पादनों व सेवाओं संबंधित स्टॉल लगाए गए. इस फेयर शो में पद्म पुरस्कार से सम्मानित विशेष हस्तियों को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया. इस आयोजन में लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.

प्रदर्शनी का आकर्षण

एक्वाकल्चर वैज्ञानिक अजय कुमार सोनकर ने टिशू कल्चर तकनीक (Tissue Culture technique) के जरिए प्रयोगशाला के फ्लास्क में समुद्री सीप से मोती बनाने की आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया. इस शो में लगे स्टॉल पर आधुनिक माइक्रोस्कोप के माध्यम से लोगों ने ‘फ्लास्क’ के अंदर सीप के टिशू द्वारा मोती बनने का अनुभव किया. जोकि प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण बन गया.

इसे भी पढ़ें- टिशू कल्चर खेती तकनीक: किसानों के लिए मुनाफ़े का सौदा, जानिये कैसे

कैसा बनाया फ्लास्क में मोती

साल 2022 में ‘पद्म श्री’ से सम्मानित सोनकर उत्तर प्रदेश के रहने वाले है, उन्होंने बताया कि मोती के रंग रुप और अच्छी क्वालिटी के लिए समुद्री सीप की प्रजातियां निर्भर करती है.  ‘टिशू कल्चर’ तकनीक एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से समुद्री सीप के अंग-विशेष का उपयोग कर ‘फ्लास्क’ के अंदर मोती विकसित किया जाता है. इस प्रक्रिया को ही टिशू कल्चर तकनीक कहा जाता है.

अंतरराष्ट्रीय मेले का उद्देश्य

राज्य सरकार द्वारा आयोजित इटंरनेशनल ट्रेड फेयर शो को लेकर मुख्य उद्देश्य यह है कि यूपी की एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलाव करना. इस मेले में 70 देशों के बड़े व्यापारी शामिल हुए है. माना जा रहा है कि आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बढ-चढ़कर व्यापारियों ने हिस्सा लिया. वहीं इस प्रदर्शनी में 2000 प्रोडक्ट्स और सर्विसेस के स्टॉल लगाए गए.

English Summary: International trade show in Uttar Pradesh, Pearl made using tissue culture technique Published on: 25 September 2023, 05:56 PM IST

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