1. खेती-बाड़ी

गेहूं की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान और इनका प्रबंधन

हेमन्त वर्मा
हेमन्त वर्मा

Identification and management of major pests in Wheat crop

गेहूं की फसल में जड़ माहू, दीमक, सैनिक कीट, तम्बाकू लट्ट आदि कीट नुकसान पहुंचाते है. ये कीट अलग अलग क्षेत्रों में अधिक पाये जाते हैं जैसे रेतीले इलाकों में दीमक तथा अधिक नमी वाले क्षेत्रों में जड़ माहू कीट का प्रकोप दिखाना आम बात हो रही है. अतः समय पर कीट की पहचान कर सही उपाय अपनाने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है.

गेहूं का जड़ माहू कीट (Root Aphid insect of Wheat)

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण गेहूँ की फसल में जड़ माहू कीट का काफी प्रकोप हो रहा है. जड़ माहू कीट कीट हल्के पीले रंग से गहरे पीले रंग का होता है. गेहूँ के पौधों को जड़ से उखाड़ कर देखने पर यह कीट जड़ों के ऊपर तने वाले भाग में आसानी से दिखाई देता है. यह कीट गेहूँ के पौधों की जड़ों के ऊपर तने वाले भाग से रस चूसता है, जिसके कारण पौधा पीला पड़ने लगता है और धीरे-धीरे सूखने लगता है. शुरुआत में इसके प्रकोप के कारण खेतों में जगह-जगह पीले पड़े हुए पौधें दिखाई देते हैं.

जड़ माहू कीट से बचाव के उपाय (Measures to prevent Root Aphid)

  • गेहूँ की बुआई के पहले खेत के मिट्टी का उपचार करना बहुत आवश्यक है. अतः थियामेंथोक्साम 25% WG@ 200-250 ग्राम/एकड़ की दर से मिट्टी उपचार करें. साथ ही जैविक उपचार के रूप में बवेरिया बेसियाना @ 500 ग्राम/एकड़ की दर से उपयोग करें.

  • गेहूँ के बीजों का बीज़ उपचार करके ही बुआई करें. इसके लिए इमिडाक्लोप्रिड 48% FS @ 1.0 मिली/किलो बीज़ या थियामेंथोक्साम 30% FS @ 4 मिली/किलो बीज़ को बीज़ उपचार रूप उपयोग करें.

गेहूँ की खड़ी फसल में जड़ माहू का प्रकोप दिखाई देने पर थियामेंथोक्साम 25% WG @ 100 ग्राम/एकड़ या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL @ 100 ग्राम/एकड़ की दर से उपयोग करें. साथ ही जैविक उपचार के रूप में बवेरिया बेसियाना @ 250 ग्राम/एकड़ की दर से उपयोग करें.

दीमक कीट (Termite)

फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक दीमक का आक्रमण देखने को मिलता है. यह मिट्टी में रहने वाला सर्वभक्षी कीट है जो पौधे की जड़ों को खाकर नष्ट कर देता है. प्रभावित खेत की मिट्टी को खोदने पर दीमक के घर देखे जा सकते है. बुआई के बाद और कभी-कभी परिपक्वता की अवस्था पर दीमक द्वारा गेहूं की फसल को नुकसान पहुँचाया जाता है. दीमक फसल की जड़ों, बढ़ते पौधों के तने को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके कारण क्षतिग्रस्त पौधे पूरी तरह से सूख जाते हैं और आसानी से जमीन से उखाड़े जा सकते हैं.

दीमक कीट से बचाव (Preventive measures of Termite)

  • बचाव के लिए गोबर की अच्छी तरह से सड़ी खाद का ही प्रयोग करे और खरपतवार नष्ट करते रहे. इससे बचाव के लिए बुआई के पहले खेत में गहरी जुताई करें.

  • दीमक के टीले को केरोसिन से भर दे ताकि दीमक की रानी के साथ-साथ अन्य सभी कीट मर जाएँ.

  • बुआई से पहले क्लोरोपायरीफोस (20% ई.सी) @ 5 मिली या इमिडाक्लोप्रिड 600 FS की 1.5 मिलीलीटर या फिप्रोनिल 5 SC 6 मिलीलीटर प्रति किलो बीज को अवश्यकतानुसार पानी में मिलाकर इसका घोल बीजों पर समान रूप से छिड़काव कर बीज उपचारित करें.

  • जैविक बुवेरिया बेसियाना एक किलो या मेटारिजियम एनिसोपली एक किलो मात्रा को एक एकड़ खेत में 2 टन गोबर की खाद में मिलाकर अन्तिम जुताई के समय मिट्टी में मिला दे.

  • द्रव मेटारीजियम एनिसोपली को टपक टपक बूंद से सिंचाई के साथ देने पर मिट्टी में मौजूद सफ़ेद लट्ट, दीमक के नियंत्रण प्रभावी पाया गया है.

  • खड़ी फसल में कीट दिखने पर क्लोरोपायरिफोस 20% EC की एक लीटर मात्रा प्रति एकड़ सिंचाई के साथ देनी चाहिए.

फॉल आर्मी वर्म (Fall army worm)

आजकल मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण गेहूँ की फसल में फॉल आर्मी वर्म का प्रकोप काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. यह कीट दिन में मिट्टी के ढेलों तथा पुआल के ढेर में छिपा रहता है और रात के समय गेहूँ की फसल को नुकसान पहुँचाता है. अभी कही कही गेहूँ की फसल में बलिया भी आ चुकी हैं और यह कीट गेहूँ की बालियों को भी नुकसान पहुंचा रहा है.

फॉल आर्मी वर्म से बचाव (Preventive measures of Fall army worm)

· जिन क्षेत्रों में फॉल आर्मी वर्म (सैनिक कीट) की संख्या अधिक है उन क्षेत्रों में तत्काल नोवालूरान 5.25% + इमामेक्टिन बेंजोएट 0.9% SC @ 600 मिली/एकड़ या क्लोरांट्रानिलप्रोल 18.5% SC @ 60 मिली/एकड़ या इमाबेक्टीन बेंजोएट 5% SG @ 100 ग्राम/एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव के रूप में का उपयोग करें.

· जैविक उपचार के रूप में बवेरिया बैसियना @ 250 ग्राम/एकड़ का इस्तेमाल करें.

तम्बाकू इल्ली (Tobacco caterpillar)

ये इल्लीयां समूह में पाई जाती है. इनका शरीर हल्के हरे रंग का होता है जिसमें ब्लैक स्पॉट पाये जाते है तथा काले रंग का सर होता है. यह इल्ली गेहूँ की फसल की पत्तियों पर आक्रमण करती है और पत्तियों के हरे हिस्से को खरोंच कर नष्ट कर देती है. इस कीट का लार्वा कोमल पत्तियों को खाता है. जिन पत्तियों पर यह कीड़ा हमला करता है, उन पर एक जालीनुमा संरचना बन जाती है.

तम्बाकू इल्ली से बचाव के उपाय (Preventive measures of Tobacco caterpillar)

  • प्रोफेनोफोस 40% + सायपरमेथ्रिन 4% EC @ 400 मिलीग्राम/एकड़ या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG @100 ग्राम/एकड़ या क्लोरानट्रानिलीप्रोल 5% SC@ 60 मिली/एकड़ या नोवालूरान 5.25% + इमामेक्टिन बेंजोएट 0.9% SC @ 600 मिली/एकड़ का उपयोग करें.

  • जैविक रूप में बवेरिया बेसियाना @500 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें.

English Summary: Identification and management of major pests in Wheat crop

Like this article?

Hey! I am हेमन्त वर्मा. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News