1. खेती-बाड़ी

गन्ने के बुवाई के लिए खेत की तैयारी कैसे करें ?

गन्ना मुख्य रूप से व्यवसायिक फसल है. विपरीत परस्थितियां भी गन्ना की फसल को अधिक प्रभावित नहीं कर पाती. इन्ही विशेष कारणों से गन्ना की खेती अपने आप में सुरक्षित व लाभ की खेती है. हमने अपने पिछले लेख में बताया था की गन्ने की खेती क्यों करे. इस लेख में उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आप जानेंगे की गन्ने के लिए उपयुक्त भूमि, मौसम और खेत की तैयारी कैसे करें ?

उपयुक्त भूमि

गन्ने के खेती के लिए सबसे उपयुक्त ज़मीन मध्यम भारी काली मिट्टी मानी जाती है. इसके आलावा दोमट मिट्टी भी उपयुक्त है लेकिन उसके लिए सिंचाई की उचित व्यवस्था व जल का निकास अच्छा साधन होना चाहिए और जमीन का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच का हो तो ज्यादा अच्छा माना जाता है.

उपयुक्त मौसम

आम तौर पर गन्ने की बुआई साल में दो बार की जाती है.

शरदकालीन बुवाई

इसमें अक्टूबर -नवम्बर में फसल की बुवाई करते हैं और फसल 10-14 महीने में तैयार हो जाती है.

बसंतकालीन बुवाई

इसमें फरवरी से मार्च तक फसल की बुवाई करते हैं। इसमें फसल 10 से12 महीने में तैयार हो जाती है. शरदकालीन गन्ने, बसंत में बोये गये गन्ने से 25-30 प्रतिशत व ग्रीष्मकालीन गन्ने से 30-40 प्रतिशत अधिक पैदावार देता है।

खेत की तैयारी

गन्ने के खेत के लिए पहली जुताई अप्रैल से 15 मई के बीच गहरी जुताई कर देनी चाहिए। इसके पश्चात 2 से 3 बार देशी हल या कल्टीवेटर, से जुताई कर तथा रोटावेटर व पाटा चलाकर खेत को भुरभुरा, समतल एवं खरपतवार रहित खर-पतवार निकाल लेना चाहिए एवं रिजर की सहायता से 3 से 4.5 फुट की दूरी में 20-25 से.मी. गहरी कूड़े बनाये।

बीज का चयन और तैयारी

गन्ने की फसल उगाने के लिए पूरा तना न बोकर इसके दो से तीन आख वाले टुकड़े काटकर बोयें। गन्ने के ऊपरी भाग में अंकुरण 100 प्रतिशत, बीच में 40 प्रतिशत और निचले भाग में केवल 19 प्रतिशत  तक ही होता है. दो आंख वाला टुकड़ा बुवाई के सबसे उचित होता है.

गन्ना बीज का चुनाव करते समय सावधानियां

उन्नत जाति के स्वस्थ निरोग शुद्ध बीज का ही चयन करें। गन्ना बीज की उम्र लगभग 8 माह या इससे कम हो जिससे अनुकरण अच्छा हो सके । बीज ऐसे खेत से लें जिसमें रोग व कीट का प्रकोप न हो एवं जिसमें खाद पानी समुचित मात्रा में दिया जाता रहा हो.

जहां तक हो नर्म गर्म हवा उपचारित (54 से.ग्रे. एवं 85 प्रतिशत आद्र्वता पर 4 घंटे) या टिश्यूकल्चर से उपज वाले बीज का प्रयोग करे. हर 4-5 साल बाद बीज बदल दें क्योंकि समय के साथ रोग व कीट ग्रस्तता में बढ़ोतरी हो जाती है  और बीज काटने के बाद कम से कम समय में बोनी कर दें।

अगले लेख में जानें गन्ने की प्रजातियों के बारे में :-

English Summary: How to prepare the field for sowing of sugarcane?

Like this article?

Hey! I am प्रभाकर मिश्र. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News