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आलू की निर्धारित या अनिश्चित किस्म दोनों में से कौन-सी है फायदेमंद, जानिए

कृषि प्रधान देश भारत में कृषि में संभावनाएं बढ़ती ही जा रही हैं अब ज्यादा से ज्यादा लोग खेती किसानी की ओर आगे बढ़ रहे हैं सिर्फ पारंपरिक ही नहीं बल्कि फल, सब्जी और औषधीय पौधों की खेती की जा रही है ऐसे में आलू की खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं उचित और बड़े पैमाने पर करने पर, आलू की खेती आय का अच्छा स्रोत हो सकती है लेकिन इसमें ये समझना जरूरी होगा कि निर्धारित और अनिश्चित में से आलू का कौन पैटर्न अपनाना चाहिए.

राशि श्रीवास्तव
आलू की निर्धारित या अनिश्चित किस्म
आलू की निर्धारित या अनिश्चित किस्म

आलू को उनके विकास पैटर्न के आधार पर निर्धारित या अनिश्चित के रूप में बांटा गया है. निर्धारित फसलें आमतौर पर वनस्पति को संदर्भित करती हैं जो प्रकृति में झाड़ीदार होती हैं दूसरी ओर, अनिश्चित इसके विपरीत है बड़े पौधे और अक्सर लंबा उत्पादन. बता दें हर श्रेणी में आलू की अलग-अलग किस्में हैं, इसलिए चुनने के लिए कई हैं. उपज,  बगीचे की जगह जैसी विशेषताओं के आधार पर निर्धारित और अनिश्चित किस्मों का चयन किया जा सकता है. ऐसे में आपको बताते हैं दोनों में आखिर अंतर क्या है 

निर्धारित आलू- 

निर्धारित आलू सिर्फ एक परत में उगने वाले कंदों वाली किस्मे है. इस कारण से पौधों को अपने आस-पास मिट्टी के टीले की जरुरत नहीं होती, वे 70 से 90 दिनों में जल्दी उत्पादन करते हैं. ढीली मिट्टी में आलू को लगभग 4 इंच (10 सेमी.) की गहराई तक बोना चाहिए खरपतवार के विकास को दबाने के लिए गीली घास का उपयोग करें और आलू के कंदों को धूप से बचाएं, जिससे वे हरे हो जाएंगे. युकोन गोल्ड, नोरलैंड, फिंगरलिंग और सुपीरियर आलू निर्धारित किस्मों के उदाहरण हैं.

अनिश्चित आलू- 

अनिश्चित आलू के चारों ओर गंदगी का टीला बनाना जरूरी है क्योंकि वे कई स्तरों में उगते हैं. ऐसा करने से अच्छी पैदावार मिलेगी. अनिश्चित आलू देर से फसल पैदा करते हैं, 110 से 135 दिन में निकलते हैं. आलू को उगाने के लिए 4 इंच (10 सेंटीमीटर) ढीली मिट्टी से ढक कर शुरुआत करें. जब पौधे लगभग 6 इंच (15 सेमी) की ऊंचाई तक बढ़ गए हों तो कुछ इंच (8 सेमी) गंदगी,  पुआल या मृत पत्तियां डालें ताकि टीले से पौधे का केवल 2 इंच (5 सेमी) ही बचा रहे जैसे ही पौधा विकसित होता है, परतों को जोड़ना जारी रखें. 

कंद उत्पादन की कई परतों के कारण अनिश्चित आलू के बक्से,  टावरों या यहां तक कि आलू के बैग के लिए उपयुक्त हैं. ये छोटे क्षेत्रों में अच्छी तरह से काम करते हैं क्योंकि ये बहुत सारे आलू पैदा करते हुए भी बढ़ने देते हैं. स्नोडेन, रसेट बरबैंक और बैनकॉक रसेट जैसे आलू अस्पष्ट किस्मों के उदाहरण हैं.

ये भी पढ़ेंः आलू की फसल का खुदाई प्रबंधन, पैकेजिंग और भंडारण की संपूर्ण जानकारी

निर्धारित बनाम अनिश्चित आलू

ऐसे में अब दोनों में किसी को भी चुन सकते हैं हालांकि, वांछित उपज और उपलब्ध स्थान के आधार पर, आलू की वृद्धि विशेषताएं एक किस्म चुनने में मदद कर सकती हैं. आलू की अधिक दृढ़ किस्मों को उगाने के लिए, एक बड़े उद्यान क्षेत्र की जरुरत होगी. आपके पास सिर्फ लंबवत कमरा है तो अनिश्चित आलू से अधिक आलू हासिल करेंगे.

English Summary: Determined or indeterminate variety of potato, which one is beneficial, know Published on: 14 February 2023, 10:31 AM IST

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