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Ber Farming: बेर की खेती की संपूर्ण जानकारी, जानें बुवाई से लेकर कीट प्रबंधन का तरीका

बेर की खेती भारत में अरसों से चली आ रही है. बेर में औषधिय गुणों की भरमार होती है. ऐसे में यदि आप भी बेर की खेती करने की सोच रहे हैं तो पढ़ें बेर की खेती की संपूर्ण जानकारी....

निशा थापा

बेर भारत के लोकप्रिय फलों में से एक है. बेरों का जिक्र रामायण काल से किया गया है. बेर को भगवान शिव का प्रिय फल भी माना जाता है, तभी तो शिवरात्री के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेर को चढ़ाया जाता है. भारत में बेर की खेती बड़े पैमाने में की जाती है. बेर में कई औषधिय गुण भी मौजूद हैं. जिसके चलते बाजार में इसकी मांग भी बहुत है. आज हम इस लेख के माध्यम से बेर की खेती की जानकारी देने जा रहे हैं

बेर की उन्नत किस्में

गोमा कीर्ति, थार सेविका, थार भुभराज, कैथली, उमरान, गोला और बनारसी.

मिट्टी और जलवायु

बेर के पौधे के लिए शुष्क एवं अर्धशुष्क परिस्थितियों बेहद अनुकूल मानी जाती हैं. यह लवणता और क्षारीयता को सहन करने में सक्षम होते हैं.

बेर के पौधे को  'टी' बडिंग के जरिए रोपित करने की विधि
बेर के पौधे को 'टी' बडिंग के जरिए रोपित करने की विधि

रोपण सामग्री

'टी' बडिंग और पैच बडिंग के जरिए बेर के पौधे तैयार किए जा सकते हैं

रोपण

जुलाई-अगस्त के दौरान 7 x 7 मीटर की दूरी पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर के गड्ढों में पौधे लगाएं जाते हैं.

सिंचाई

पौधों को स्थापित करने के लिए शुरू में पौधों की सिंचाई करें. स्वस्थाने जल संचयन के लिए पेड़ के आधार की ओर 5% ढलान होनी जरूरी है.

प्रशिक्षण और छंटाई

रूटस्टॉक स्प्राउट्स को हटा दें और जमीन के स्तर से 75 सेमी तक सीधा तना रखें. फरवरी-मार्च के दौरान पिछले सीज़न के लगभग अनुत्पादक ऊपरी भाग मुख्य प्ररोह और इसकी द्वितीयक शाखाओं के साथ-साथ कमजोर, आड़ी-तिरछी, रोगग्रस्त और टूटी हुई शाखाओं को हटा दिया जाता है, ताकि  नोड्स पर सबसे अधिक व अच्छा उत्पादन हो पाए.

बेर के पौधे को पैच बडिंग के जरिए रोपित करने की विधि
बेर के पौधे को पैच बडिंग के जरिए रोपित करने की विधि

पौध संरक्षण – कीट फल मक्खी

  • गिरे हुए और संक्रमित फलों को एक गड्ढे में डालकर और मिट्टी की मोटी परत से ढक कर नष्ट कर दें.

  • प्यूपा को बाहर निकालने के लिए बीच-बीच में जुताई करें.

  • फल मक्खियों के वयस्कों की निगरानी और उन्हें मारने के लिए मिथाइल यूजेनॉल ल्यूर ट्रैप @ 25/हेक्टेयर का उपयोग करें.

  • ग्रसित फलों को नष्ट कर दें.

  • नीम के तेल 30 मिली/ली की दर से छिड़काव करें.

पत्ता फुदका

क्लोरपाइरीफॉस 20 ईसी 1.5 मि.ली./ली. का छिड़काव करें.

बीमारी

ब्लैक लीफ स्पॉट (इसारियोप्सिस इंडिका)

लक्षण के प्रारंभिक प्रकट होने से 15 दिनों के अंतराल पर कार्बेन्डाजिम @ 1 ग्राम/ली या क्लोरोथैलोनिल @ 2 ग्राम/ली या प्रोपिकोनाजोल या डाईफेनोकोनाजोल @ 1 ग्राम/लीटर का दो बार छिड़काव करें

ख़स्ता फफूंदी के लिए CIB की सिफारिश

कार्बेन्डाजिम 50% WP @ 10 ग्राम/10 लीटर प्रति पेड़ पर छिड़काव करें

उपजः 70-80 किग्रा फल/वृक्ष/वर्ष

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बीज प्रौद्योगिकी

फूल की कली खिलने के 13 सप्ताह बाद बेर के बीज शारीरिक परिपक्वता प्राप्त करते हैं. यह फल पेरिकार्प के पीले लाल रंग द्वारा इंगित किया जाता है. पत्थरों को 22/64" गोल छिद्रित धातु की छलनी का उपयोग करके वर्गीकृत किया जा सकता है. बेर पत्थरों को परिवेशी परिस्थितियों में बिना किसी उपचार के 30 महीने तक संग्रहित किया जा सकता है.

English Summary: Complete information about Ber cultivation Published on: 02 December 2022, 05:12 PM IST

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