1. खेती-बाड़ी

इस राज्य में खाद के बाद अब बीज के दामों में इजाफा

किशन
किशन

छत्तीसगढ़ में रबी फसलों की तैयारी कर रहे किसानों को दूसरा सबसे बड़ा झटका लगा है। दरअसल राज्य में रासायनिक खाद के बाद अब बीजों के दामों में भी बढ़ोतरी हो गई है। नई दरों के बाजार में पहुंचते ही किसानों को भारी कीमत पर बीज की खरीददारी करनी पड़ रही है।

बीज के दाम बढ़ने से किसान परेशान

राज्य में रासायनिक खाद की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाने से भारी तेजी के बाद रबी सत्र में बोई जाने वाली फसलों के बीज के दाम बढ़ गए है। इनमें सबसे ज्यादा दाम गेहूं के बढ़े है, जिसकी खेती सबसे ज्यादा रकबे में ली जाती है। इसके बाद दूसरी फसल सरसों है जिसमें दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। बाजार में पहले से ही तेज चल रही कीमतों के बाद जिस तरीके से बीज बेचने वाली कंपनियों ने दामों में बढ़ोतरी की है उसके कारण राज्य के किसानों के हौसले पहले से ही पस्त हो चुके है। नई सरकार के आने के बाद यह योजना किसानों के लिए चाहे जितनी भी फायदेमंद बताई जा रही हो लेकिन सच बात यह है कि जिस तरह से बीज कंपनियां दाम बढ़ा रही है उससे किसानों की मुसीबत कम होने के बजाय उल्टा बढ़ती ही जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है जिन्होंने रबी फसल की पूरी तैयारी कर ली है।

कंपनियों ने बढ़ाई कीमत

रबी सत्र में ली जाने वाली फसलों में सबसे ज्यादा भाव गेहूं का बढ़ा है। गर्मी के दिनों में धान की फसल के हाइब्रिड धान लेने वाले किसानों को भी अच्छी खासी कीमत चुकानी होगी। इसके साथ ही किसानों को सरसों के बीज के लिए भी अतिरिक्त पैसों को खर्च कर उसकी लागत को वहन करना पड़ेगा। क्योंकि ज्यादातर किसान गेहूं के साथ-साथ सरसों की खेती को अधिक प्राथमिकता देते है और उनको इससे काफी मुनाफा भी मिलता है।

जिले में बढ़ा रकबा

छ्त्तीसगढ़ के ज्यादातर जिलों में रबी फसलों को रकबा बढ़ाया गया है जिसके बाद किसानों में गेहूं और सरसों की खेती के प्रति रूझान ज्यादा बढ़ा है। इन फसलों के लिए सिंचाई के साधन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। सौर पंप आदि के इस्तेमाल और इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो जाने से इनकी फसल उगाने वाले किसानों की संख्या में काफी इजाफा भी हुआ है।

ये है बीज की कीमत

 गेहूं-  5500 से 6000 रूपए प्रति क्विंटल

 सरसों- 15000 से 20000 रूपए प्रति क्विंटल

 धनिया- 18000 से 24000 रूपए प्रति क्विंटल

 अलसी- 3000 से 4000 रूपए प्रति क्विंटल

 तिल- 15000 से 20000 रूपए प्रति क्विंटल

 सोयाबीन- 7000 से 8000 रूएए प्रति क्विंटल

English Summary: Chhattisgarh increases the prices of seeds after chemical fertilizers

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