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किनोवा की खेती के बारे में

खेती में रोज नई -नई फसलों के बारे में कई तरह की जानकारियां हमारे पास उपलब्ध है। कई तरह की फसलों के बारे में भी हम रोज नई जानकारी आपको उपलब्ध करवा रहे है। आज हम आपको बताएंगे कि किनोवा क्या होता है और उसकी खेती कैसे की जाती है। इसकी खेती किसानों के लिए किस तरह से फायदेमंद है औक इसके बारे में जानकारी मिलने से आपको क्या लाभ होगा ?

किनोवा की खेतीः किनोवा बथुआ प्रजाति का एक सदस्य है। जिसका वनस्पति नाम चिनोपोडियम किनोवा है। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में शब्द के उच्चारण के कारण इसको किनोवा और केनेवा आदि के नाम से भी जाना जाता है। किनोवा की खेती मुख्य रूप से दक्षिणी अमेरिकी देशों में की जाती है जिसमें इंग्लैड, कनाडा, आस्ट्रेलिया, चाइना, बोलविया, पेरू आदि शामिल हैं। किनोवा की खेती को रबी सीजन के दौरान उगाया जाता है। इसका उपयोग गेहूं, चावल, सूजी की तरह किया जाता है।

किनोवा के लिए खेत की तैयारी

किनोवा की खेती के लिए खेत को अच्छी तरह से 2 से 3 बार जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। इसके लिए अंतिम जुताई से पहले खेत में 5.6 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर में खाद को मिला देना चाहिए। उसके बाद इस फसल के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।

कैसे करें किनोवा की बुवाई

किनोवा की बुवाई अक्टूबर, फरवरी, मार्च और कई जगह पर जून-जुलाई के दौरान भी की जा सकती है। बता दें कि किनोवा का बीज काफी छोटा होता है। इसीलिए प्रति बीघा में 400 से 600 ग्राम ये पर्याप्त होता है। इसकी बुवाई कतरों में और सीधे रूप से बिखेर कर भी कर सकते है। इसका बीज खेत की मिट्टी में 1.5 सेमी से 2 सेमी तक गहरा लागाना चाहिए। जिस समय किनोवा के पौधे 5.6 इंच के हो जाए तब पौधे से पौधे के बीच की दूरी 10 से 14 इंच तक की बना लेनी चाहिए। खेती करते समय अतिरिक्त पौध को हटा देना चाहिए।

सिंचाई और खरपतवार

किनोवा की बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई कर देना चाहिए। किनोवा के पौधे को बहुत ही कम सिंचाई और पानी की आवश्यकता होती है। फसल को लगाने से लेकर काटने तक केवल 3-4 बार पानी देना ही इसके लिए पर्याप्त रहता है। जब पौधे छोटे रहे तब खरपतवार को निकलवा देना चाहिए।

फसल की कटाई

किनोवा की फसल 100 दिनों में आसानी से तैयार हो जाती है। अच्छी विकसित फसल की ऊंचाई 4 से लेकर 6 फीट तक की होती है। इसको सरसों की तरह आसानी से थ्रेसर से काटकर निकाल सकते है। बीज को निकालने के बाद धूप की आवश्यकता भी होती है। इस फसल का उत्पादन प्रति बीघा 5 से 9 टन तक का होता है।

किनोवा के बारे में कुछ बातें

1. किनोवा खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है।

2. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसका भाव 500 से 1000 रूपये किलो तक है।

3. कम पानी और कम लगात में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है।

4. इसके पत्तों की भुजी बनाकर इसे खाया जाता है।

किशन अग्रवाल, कृषि जागरण



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