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दिवाली के बाद भी सब्जियों की कीमतें सातवें आसमान पर

नई दिल्ली: दीवाली के बाद सब्जियों ने लोगों का दीवाला निकाल दिया है। इनकी कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इस सीजन में आमतौर पर सब्जियां सस्ती रहती हैं लेकिन इस बार इनके दाम 30 दिन में दोगुना हो गए। किसानों का सोयाबीन की फसल की ओर ज्यादा ध्यान देना भी इसका कारण है। सब्जियों के बढ़े हुए दाम का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। सब्जियों की कीमत ज्यादा होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। इस साल सब्जियों की कीमतें बारिश के सीजन में भी कम रही हैं। इसका कारण मंडी में स्थानीय सब्जियों की भरपूर आवक होना था।

मुम्बई में मटर 280 रुपए किलो
अधिकतर सब्जियां 60 से 80 रुपए किलो बिक रही हैं। साथ ही बाजार में आई नई सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। कुछ दिन पहले तक 30 रुपए किलो बिकने वाला धनिया 80 रुपए पर पहुंच गया तो तरोई, बैंगन, ग्वारफली, फूल गोभी के दाम दोगुने हो गए। सब्जी व्यापारियों ने बताया कि इस बार मौसम के चलते दाम बढ़े हैं। आखिर में बारिश होने से उत्पादन प्रभावित हुआ। दूसरी ओर किसान भी सोयाबीन में लग गए हैं। इसका असर दिख रहा है। बाजार में मटर आते ही 100 रुपए किलो तो टमाटर 60 रुपए किलो बिक रहा है। मुम्बई में मटर 280 रुपए किलो बिक रहा है। मेथी अभी कम ही दिखाई दे रही है। जहां मिल रही है वहां दाम 80 रुपए किलो तक हैं। आलू से आमजन को कुछ राहत है।

मुम्बई की बात करें तो कुछ सब्जियों के दाम 120 से लेकर 180 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। कुछ वैंडर्स का कहना है कि बेमौसम बारिश के चलते ऐसा हुआ है, वहीं कुछ कारोबारियों के मुताबिक दीवाली के दौरान किसानों की ओर से फसल न भेजने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। बांद्रा की पाली मार्कीट में हरे मटर 280 रुपए प्रति किलो तक के भाव में बिक रहे हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। पाली मार्कीट में लल्लू ब्रदर्स के मालिक ने कहा कि प्याज 60 रुपए किलो, शिमला मिर्च 120, बीन्स 160 रुपए किलो, फूल गोभी 120 रुपए किलो और परवल भी 120 रुपए किलो बिक रहा है। अंधेरी पश्चिम की म्यूनिसिपल मार्कीट में रेट कुछ नरम हैं। वैंडर इकबाल शेख ने बताया कि यहां मटर 200 रुपए किलो मिल रहे हैं। इसके अलावा फूल गोभी, शिमला मिर्च और परवल जैसी चीजें 120 रुपए किलो में उपलब्ध हैं। वहीं, प्याज के दाम भी 40 रुपए किलो तक हैं।

वाशी स्थित थोक सब्जी मंडी में पुणे जिले से आए एक किसान संजय बोडके ने बताया कि मॉनसून के बाद हुई बेमौसम बारिश ने फसल को चौपट कर दिया है। इसी तरह अहमदनगर जिले से आए पुंडलीक खडपे ने बताया कि किसानों की टमाटर, फूल व पत्ता गोभी, भिंडी, बैंगन सहित अन्य सब्जियों की करीब 60 प्रतिशत फसल खेत में ही खराब गई। यही स्थिति नासिक, धुलिया और पश्चिम महाराष्ट्र के अन्य जिलों के किसानों की है।



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