दुकानों से गायब होती प्याज

नई दिल्लीः सब्जी में स्वाद और ग्रेवी के लिए महत्वपूर्ण प्याज का जायका इन दिनों आंसुओं की वजह बन गया है। सूखे के बाद बारिश से फसल खराब होने का हवाला देकर प्याज की कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं। सामान्य आलू और मटर के दामों में गिरावट आई है। टमाटर, गोभी के दामों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंडी कारोबारियों का कहना कि प्याज अभी सप्ताह भर रुलाएगा।

मुंबई में प्याज के भाव आसमान पर है। एशिया की सबसे बड़ी नासिक मंडी में प्याज के दाम 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे पहले वह 4040 क्विंटल तक बिका। प्याज के इस दाम के चलते खुदरा बाजार में मुंबई में प्याज 40 से 50 रुपए किलो तक बिक रहा है। यही हाल देश के दूसरे बड़े शहरों का है। कई दुकानों से तो प्याज गायब ही हो गया है। हैदराबाद में प्याज 50 रुपए किलो बिक रहा है। चंडीगढ़ में थोक में बिक रहे प्याज की कीमत 44 रुपए प्रति किलो हो चुकी है जबकि लखनऊ में प्याज 40 से 42 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।

पिछले दिनों प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के ध्येय से सरकार ने प्याज पर स्टॉक सीमा की अवधि दिसंबर तक बढ़ा दी है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक रखने की तयशुदा सीमा को 31 अक्तूबर 2017 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2017 किया गया है।

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