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11 अक्टूबर को क्या हो सकता है! और यह कौन और कैसे करेगा? जानिए मौसम का हाल

मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दक्षिण भारत के केरल में अपना कहर ढाने के बाद अब मौसम की मार ओडिशा के लोगों को बेघर करने पर तुला हुआ है.

इस रंग बदलते मौसम का क्या भरोसा किया जाए, चेतावनी तो जारी की गयी है की समुद्री तटीय इलाकों में रहनेवाले सावधान हो जायें.

हालाँकि यह तूफान है तो तितली लेकिन यह तितली बड़ी नटखट है बहुत बड़े नुक्सान की सम्भावना है.

आइए जाने की यह क्यों होता है और कैसे होता है. इसकी वजह से आज 11 अक्टूबर का मौसम बाकि देश में कैसा रहेगा क्योंकि कुछ तो असर पड़ेगा ही.

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात तितली भीषण चक्रवात बन गया है; 11 अक्टूबर को ओड़ीशा में लैंडफॉल सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी इस समय बादलों से ढँक गई है। सभी मौसमी परिदृश्य इस बात के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि तूफान तितली अत्यंत भीषण चक्रवात का रूप ले लेगा। बंगाल की खाड़ी के मध्य पश्चिम में यह और गहराता हुआ दिखाई दे रहा है। इस समय इसकी रफ्तार तकरीबन 13-14 किलोमीटर प्रतिघण्टे की है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के आंकलन के अनुसार इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 12 घंटों में इसकी क्षमता कैटेग्री वन के हरीकेन या टाइफ़ून के बराबर होगी। पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठने वाले तूफान को टाइफ़ून और उत्तरी अटलांटिक में बनने वाले समुद्री तूफानों को हरीकेन कहा जाता है।

चक्रवाती तूफान तितली आज सुबह ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर और आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम के तट से 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराया। इससे तटवर्ती इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। दोनों राज्यों में कई जगहों पर भूस्खलन की खबर है। कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। इसे अति गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा गया है। भारी बारिश के चेतावनी के बाद ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों के निचले इलाके खाली करा लिए हैं।

कम गति के कारण इसके और भीषण रूप अख़्तियार करने की पूरी संभावना है। बुधवार की सुबह यह कलिंगपट्टनम से लगभग 270 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में और गोपालपुर से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार चक्रवात तितली की आँख (आई) सैटेलाइट तस्वीरों में देखी जा सकती है।

अभी जो इसकी गति है अगर आगे भी यह बनी रहती है तो आज देर रात या कल सुबह तक आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम और ओड़ीशा के गोपालपुर से पास से भारत में आएगा। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओड़ीशा के पास से लैंडफाल करने के बाद यह फिर से अपनी दिशा बदलकर उत्तर और उत्तर-पूर्व में ओड़ीशा होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल की तरफ़ जाएगा।

यह तूफान 280 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में उठा था। इसके असर से 12 अक्टूबर तक पूरे ओडिशा में भारी बारिश की आशंका जताई गई। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। चक्रवात की भयावहता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 18 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। सरकार ने ऐहतियात बरतते हुए बुधवार को ही तटीय इलाकों से करीब तीन लाख लोगों को बाहर निकाल लिया था।

इसके चलते विशाखापत्तनम और गोपालपुर सहित उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तथा ओड़ीशा के तटीय शहरों में मध्यम से भारी बारिश शुरू हो गई है। धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियां और तेज़ होने की उम्मीद है। इन भागों में आज रात से भीषण बारिश होगी और 100 किलोमीटर प्रतिघण्टे की गति से हवाएँ भी चलेंगी। जिस समय चक्रवात तितली का लैंडफॉल होगा उस समय हवा की रफ्तार तकरीबन 140 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुँच जाएगी, जो कभी-कभी 160 किलोमीटर से भी ऊपर पहुँच सकती है। इसके चलते तटीय ओड़ीशा कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, झोपड़े उड़ सकते हैं, बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी, रेल, सड़क और हवाई यातायात भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है। माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान ओड़ीशा के तटीय शहरों में बाढ़ भी बड़ी चुनौती बनेगी।

ओडिशा के मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद ने बताया कि तटीय क्षेत्र के पांच जिलों गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर में निचले और तटीय इलाके खाली कराए हैं। गजपति, नयागढ़, कटक, जयपुर, भद्रक, बालासोर, कंधमाल, बौध और धेनकनाल में गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट भेजा है। इस दौरान सभी अफसरों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। राज्य में 11 और 12 अक्टूबर को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। उधर, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में दक्षिण-पूर्वी मानसून भी सक्रिय हो गया है। 

उधर, अरब सागर में लुबान तूफान का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि केरल, कर्नाटक और लक्षदीप के तटीय इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई।

पूर्वी तटों के पास समुद्र में हलचल काफी अधिक है। अगले 2-3 दिनों तक बंगाल की खाड़ी के प्रभावित क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियां बंद रखने की सलाह दी गई है। हालांकि अगले 24 घंटों में लैंडफॉल के बाद इसकी क्षमता में कमी आनी शुरू हो जाएगी लेकिन अब से लेकर 13-14 अक्टूबर तक ओड़ीशा और पश्चिम बंगाल के अधिकांश शहरों में तूफानी हवाओं के साथ भीषण बारिश देखने को मिलेगी।

 

साभार: skymetweather.com

चंद्र मोहन, कृषि जागरण



English Summary: What can happen on October 11! And who will this and how? Know the weather

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