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कैसे फेसबुक,व्हाट्सएप की मदद से बन गया सफल किसान

आज हम आपके सामने एक ऐसे किसान की सफल कहानी लेकर आए है, जिसने कृषि को एक नया रूप दिया है. हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश के मंदसौर गांव के इंदल सिंह चौहान के बारे में, जो कि गेहूं की खेती करते है. जो कई सालों से इसकी खेती कर रहे हैं और उनको इस खेती में काफी फायदा भी हुआ है.

क्योंकि वह गेहूं की खेती बाकि किसानों की तरह  नहीं बल्कि पूरी तरह जैविक तरीके से करते है. इस खेती से उनको लागत भी कम पड़ती है और फायदा बहुत अधिक होता है. बाकि गेहूं की खेती करने  वाले किसानों का गेहूं 1500-1800 रुपये प्रति क्विंटल बिकता है पर इंदल सिंह का गेहूं 4 हज़ार रुपये प्रति क्विंटल बिकता है.

क्योंकि वह खेतों में केवल जैविक पदार्थों का ही इस्तेमाल करते है. वह बिल्कुल भी रासायनिक उत्पाद न तो उपयोग करते है और न ही किसी को इसका इस्तेमाल करने की सलाह देते है. वह सब कुछ घर की चीज़ों से ही तैयार कर खेती में डालते है जैसे - खाद. वह खाद भी घर में पड़ी सब्ज़ियों के छिलकों, रात के बचे खाने आदि से बनाते हैं और वह गौमूत्र आदि का इस्तेमाल करते हैं. जिससे उनकी खेती पूरी तरह सुरक्षित और जैविक होती है और किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होती है.

जब उनकी फसल तैयार हो जाती है तो खेतों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालते रहते है जैसे :- व्हाट्सप्प, फेसबुक आदि. जिसमें कैसे फसल बोई और काटी जाये इसके बारे में भी वह जानकारी देते है. वो अपने सोशल मीडिया ग्रुप्स में जो भी तस्वीरें शेयर करते हैं उनकी तस्वीरों को लोग काफी पसंद कर करते हैं और लोग उनसे खेती करने के नए-नए सुझाव भी लेते है और इससे उनके कईं ग्राहक भी बन रहे हैं, जो उनसे उनकी फसल खरीदते है. जिससे वह घर बैठे कमाई कर रहे है.

तो देखा आपने नई तकनीकों के साथ जुड़ कर किस तरह किसान सफल हो रहा है!!!!



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