Rural Industry

मोमबत्ती उद्योग मतलब हर्रा लगे ना फिटकरी रंग होवे चोखा

क्या आपके साथ भी यही समस्या है कि आप काम तो कुछ करना चाहते हैं, लेकिन पैसों की समस्या के कारण इन्वेस्टमेंट करने में असमर्थ हैं? अगर हां, तो इस आर्टिकल को जरा ध्यान से पढ़िएगा. क्योंकि यह आर्टिकल हो सकता है कि आपके सभी प्रश्नों का समाधान हो. दरअसल आज हम जिस व्यवसाय के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, उसके लिए ना तो पहाड़ जैसे पूंजी की आवश्यक्ता है और ना ही अधिक संसाधनों की. इस काम में ना तो आपको सर्दी, बारिश, धूप में कहीं आने-जाने की जरूरत है और ना ही अधिक लोगों के सहायता की.

आज हम आपको मोमबत्ती उद्योग के बारे में बताने जा रहे हैं. जी हां, मोमबत्ती बनाने की प्रक्रिया सबसे आसान और सुलभ प्रकिया है. कोई भी इस काम को बड़े आसानी से करके मोटा पैसा कमा सकता है. इस काम को करने के लिए आपको बस तीन चीजों की आवश्यकता है. पहली सूत दूसरी एवं तीसरी मशीन. खैर सूत तो आपको हर जगह आसानी से उपलब्ध हो ही जाएगी और रही बात मोम की तो वो भी किसी रिफायनरी से मिल जाएगा. अब आप सोच रहे होंगे कि मशीन कैसा होता होगा. तो साथियों, मोमबत्ती बनाने की मशीन कई तरह की होती है, आप घरेलू मशीन ले सकते हैं, जिसकी किमत बहुत कम होती है. इन तीनों चीजों की सहायता से मोमबत्ती बनाने का काम कर सकते हैं.

मोमबत्ती बनाने की विधि:

1. सांचे में मोमबत्ती के धागों को सेट कर लें

2. मोम को किसी बर्तन में सावधानी से गर्म करें

3. तरल मोम को सांचे में डाले

4. कुछ घंटों के लिए मोम को तरल से ठोंस होने दें

मोमबत्ती बनाने के बाद

इसे बनाने के बाद आप चाहें तो अपने निकट की मार्केट में दुकानों से संपर्क कर सकते हैं या इसे बेचने के लिए आप किसी भी गांव, कस्बा, आदि में जा सकते हैं. अगर आप इस काम को थोड़ा कलात्मक ढ़ंग से करना चाहते हैं, तो इसके लिए बाकायदा कोर्स कर सकते हैं. इसके लिए सरकारी संस्थाओं में निशुल्क या बहुत कम पैसे में ट्रेनिंग दी जाती है.



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