Others

किसान की अनोखी रचनाः ट्रक को बना दिया घर, बाथरूम से लेकर टीवी तक सारे साधन हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर

कड़ाके की ठंड में किसानों का धरना दिल्ली में जारी है. बार-बार सरकारों से हो रही वार्ता का अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है. शायद किसानों को मालूम है कि धरना-प्रदर्शन इतनी जल्दी समाप्त नहीं होने वाला, यही कारण है कि अब वो यहां लंबी लड़ाई के लिए कमर कस रहे हैं. इन बातों को कई संकेतों द्वारा समझा जा सकता है, जैसे अब जुगाड़ की जगह वो पक्के संसाधनों से दैनिक कार्य करने लगें हैं.

किसान की अनोखी रचना

सिंघु बॉर्डर पर घर से अलग किसानों ने सड़क पर ही घर जैसे इंतेजाम कर लिए हैं. यहां का एक किसान तो अपनी रचनात्मकता के लिए इतना प्रसिद्ध हुआ कि उसे विदेशी मीडिया ने भी बहुत सराहा. दरअसल इस किसान ने अपने ट्रक को ही घर में तबदील कर दिया.

ट्रक को बना दिया घर

अपनी कलात्मकता से इस किसान ने ट्रक के अंदर ही सभी तरह के इंतेजाम किए हुए हैं. ट्रक में टीवी, हीटर, गैस चूल्हा, पलंग आदि सभी तरह की व्यवस्था है. पीने के लिए साफ पानी और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी है.

ट्रक के अंदर हर साधन

इस ट्रक को घर बनाने वाले किसान का नाम हरप्रीत सिंह है. उन्होंने बताया कि ट्रक में बाथरूम से लेकर बाकायदा सोने के लिए बेड और बैठने के लिए सोफे तक लगाए गए हैं. इस काम को करने के लिए उन्होंने कई तरह के प्रयोग किए हैं.

किसान आंदोलन जारी

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान 26 नवंबर से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अभी तक सरकार 9 बार किसानों से बात कर चुकी है, लेकिन हर बार परिणाम शुन्य रहे हैं.

15 जनवरी को होनी है अगली वार्ता

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अभी तक 60 से अधिक किसानों की सेहत खराब होने की वजह से मृत्यु हो चुकी है. वहीं दूसरी तरफ इस मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में राजनीति तेज है. विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार देश के किसानों को ठगने का कार्य कर रही है और नए कृषि कानून साजिश के तहत लाए गए हैं. बहरहाल कृषि कानूनों पर किसानों को मनाने के लिए अगले दौर की वार्ता 15 जनवरी को होनी तय हुई है.   



English Summary: this farmer Converts Truck Into full furnished Home know more about it

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

आप हमें सहयोग जरूर करें (Contribute Now)

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in