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इस राज्य में आवारा पशुओं की देखभाल पर मिलेगी 12 हजार रुपये की मासिक मदद, जानें पूरी स्कीम

Uttarakhand Government New Scheme: उत्तराखंड सरकार ने ऐसी दो योजनाओं की शुरुआत की है, जिसके तहत आवारा पशुओं को ग्रामीण लोग अगर पशुओं को आश्रय देते हैं, तो हर महीने कमा सकते हैं 12 हजार रुपये कैसे? आइए जानें...

KJ Staff
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आवारा पशुओं की देखभाल पर मिलेगी 12 हजार रुपये की मासिक मदद (Image Source- Freepik)

उत्तराखंड सरकार ने ऐसी योजनाओं की शरुआत की है, जिसके अंर्तगत खेतों में घूम रहे आवारा मवेशियों पर रोक लगाई जाएगी, क्योंकि इस समस्या से किसानों की फसलों को भी बड़ा नुकसान होता है. साथ ही ऐसे पशुओं का कोई आश्रय नहीं होता है. इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है कि जो व्यक्ति इन आवारा पशुओं को आश्रय देगा और उनको पालन करेंगा उन्हें हर महीने 12 हजार रुपये की राशि मुहैया करवाई जाएगी. आगे जानें किन दो योजनाओं से इस राशि का लाभ मिल सकता है.

क्यों जरूरी थी यह योजना?

सरकार ने इस योजना की शुरुआत इस मकसद से की कई जिलों में लंबे समय से आवारा पशु घूम रहे थें, जिसके चलते किसानों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई हो गई थी. यह आवारा पशु खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को रौंद कर खराब कर रहे थें, जिससे किसानों को अधिक नुकसान हो रहा था. इसके अलावा रोड पर घूम रहे आवारा पशु दुर्घटनाओं का भी बड़ा कारण थे. इसलिए सरकार ने पशु सरंक्षण करने के लिए पशु विभाग ने दो नई सरकारी योजनाओं की शुरुआत की.

कौन-सी हैं ये योजनाएं?

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में घूम रहे आवारा पशु सरक्षंण करने के लिए पशुविभाग की ओर से ग्राम गौर सेवक योजना और गौशाला योजना की शुरुआत की गई है. फिलहाल यह योजनाएं अभी ग्रामीण क्षेत्रों में ही चलाई जा रही हैं, जिसके तहत आवारा पशुपालन करने पर सरकार हर माह 12000 हजार रुपये की राशि मुहैया करवाएंगी. साथ ही सरकार का इस योजना की शुरुआत करने पीछे यह उद्देश्य है कि सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना, उनकी देखभाल सुनिश्चित करना और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाना है.

ग्राम गौर सेवक योजना से कितनी होगी कमाई?

राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई योजनाओं में सबसे ज्यादा चर्चा में ग्राम गौर सेवक योजना है. इस योजना के तहत अगर कोई भी ग्रामीण व्यक्ति अधिकतम पांच नर आवारा पशुओं को अपने पास रख सकता है. इसके बदले में सरकार उस व्यक्ति को 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करेंगी.

वहीं, अगर पांच पशुओं की देखभाल की जाए, तो महीने के हिसाब से यह राशि करीब 12 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. इसके अलावा इस योजना में खास बात यह है कि इन पशुओं का इलाज और स्वास्थ्य जांच पूरी तरह से निशुल्क होगी. पशु पालन करने वाले व्यक्ति को अतिरिक्त खर्च का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा.

गौशाला योजना से सामूहिक समाधान

दूसरी गौशाला योजना के तहत गांव या पंचायत स्तर पर गौशालाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत आवारा पशुओं को आश्रय दिया जा रहा है जहां पशुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर रखा जाएगा, जिसकी मदद से गांव में पशु व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

किसानों और ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?

  • इस योजना की मदद से किसानों की फसलों को आवारा पशु नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे.

  • ग्रामीणों को घर बैठे रोजगार का नया साधन मिलेगा इस योजना की मदद से उन्हें हर महीने 12000 रुपये की राशि का लाभ होगा.

  • इस योजना से खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां रोजगार के सीमित विकल्प होते हैं, वहां यह योजना आय बढ़ाने का अच्छा जरिया बन सकती है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Uttarakhand Government will provide a monthly assistance of Rs. 12,000 for care stray animals Published on: 19 January 2026, 12:05 PM IST

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