उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का बजट पेश कर दिया है, जिसमें किसानों से लेकर महिलाओं तक को सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. साथ ही विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस महा-बजट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “नए भारत के नए उत्तर प्रदेश” की विकास रूपरेखा बताया.
वहीं, सरकार ने यह दावा किया है कि यह बजट राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर निर्णायक गति देगा, साथ ही किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा.
बजट के प्रमुख आंकड़े
इस बार का कुल बजट का आकार पहले बजट की तुलना में बड़ा है. इस बार का बजट यूपी सरकार ने ₹9,12,696 करोड़ रखा गया है. यानी अनुमानित राजस्व प्राप्तियां ₹3,53,315 करोड़ बताई गई हैं. सरकार ने प्रति व्यक्ति आय ₹1,09,844 होने का उल्लेख करते हुए कहा कि 2016-17 के मुकाबले यह दोगुनी से अधिक हो चुकी है.
किसानों को मिली बड़ी सौगात
इस बार के बजट में अन्नदाताओं के हित में यूपी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए महत्तवपूर्ण ऐलान किया है. अब पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है.
इसके अतिरिक्त, रबी और खरीफ सीजन में गेहूं, धान और बाजरा की रिकॉर्ड खरीद का उल्लेख करते हुए सरकार ने कहा कि किसानों के खातों में सीधे भुगतान की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. सिंचाई, बीज, और कृषि तकनीक के आधुनिकीकरण पर भी बजट में प्रावधान किए गए हैं.
महिला सशक्तिकरण: ‘शी-मार्ट’ की पहल
यूपी सरकार ने बजट में ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘शी-मार्ट’ (SHE-Marts) की स्थापना की घोषणा की गई है. सरकार का मानना है कि यह पहल स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को उत्पादों की बिक्री के लिए संगठित मंच प्रदान करेगी, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्वतंत्रता में वृद्धि होगी. इसके साथ ही महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं के लिए भी बजट में विशेष आवंटन का संकेत दिया गया.
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
इस बार बजट में युवाओं के लिए बड़े अवसरों का संकेत देते हुए सरकार ने रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है. उद्योग, स्टार्टअप, MSME और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 10 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में बेरोजगारी में कमी आएंगी और हर युवा के पास रोजगार होगा. इसके अलावा, संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और उनके हितों के लिए नए सेवा निगम के गठन का प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा है, जिससे रोजगार सुरक्षा और सेवा शर्तों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
लेखक: रवीना सिंह
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