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एआई और किसानों में अनोखा मुकाबला, तकनीक के सामने हारी पारंपरिक खेती विधि

श्याम दांगी
श्याम दांगी

Intelligence Technology

भारत समेत दुनियाभर के देशों में खेती को लेकर कई तकनीकी प्रयोग किये जा रहे हैं. हाल ही में कृषि के क्षेत्र में चौथी औद्योगिक क्रांति को ध्यान में रखते हुए अनोखे स्पर्धा का आयोजन किया गया है. जिसमें किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीक से हार का सामना करना पड़ा. दरअसल, चीन में स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए इस स्पर्धा के अंतर्गत दो टीमें बनाई गई थी.

पहली टीम में स्ट्रॉबेरी की परंपरागत खेती करने वाले किसान थे तो दूसरी टीम वे किसान थे जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) तकनीक अपनाकर खेती करते हैं. बता दें कि एआई खेती करने की आधुनिक और उन्नत तकनीक है जिसमें मशीनों का उपयोग किया जाता है. यह कॉम्पिटिशन तकरीबन चार महीनों तक चला. जिसमें परंपरागत किसानों को हार का सामना करना पड़ा.

196 फीसदी अधिक उत्पादन

इन सभी किसानों ने स्ट्रॉबेरी की खेती की. 4 महीने बाद देखा गया कि जिन किसानों ने एआई जैसी आधुनिक तकनीक अपनाकर स्ट्रॉबेरी की खेती की उन्हें 196 प्रतिशत अधिक उत्पादन हुआ. वहीं इसी टीम को लागत से 75 प्रतिशत की अधिक आमदानी हुई. यह प्रतियोगिता यूनाइटेड स्टेट के खाद्य और कृषि संगठन ने आयोजित की थी. इस प्रतियोगिता की मेजबानी चीन के सबसे बड़े कृषि संस्थान पिंडोदुओ और चीन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने की थी.

क्या है एआई तकनीक?

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक खेती की आधुनिक तकनीक है जिसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स का प्रयोग किया जाता है. इस तकनीक के जरिये इंटेलीजेंट सेंसर का उपयोग करके तापमान और नमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. वहीं पॉलीमार तकनीक का उपयोग करके पानी और मिट्टी के पोषक तत्वों को बचाया जा सकता है. यही वजह हैं कि इस पद्धति से खेती करने पर 90 फीसदी पानी की बचत की जा सकती है. विजेता टीम के सदस्य चेंग बिआवो का कहना हैं कि पूरी दुनिया खेती के उत्पादन को बढ़ाने के लिए इस तकनीक पर जोर दे रही है. उन्होंने कहा कि इस तकनीक को अपनाने से फसलों की निगरानी और रखरखाव सटीकता से किया जा सकता है. 

English Summary: Unique competition between AI and farmers, traditional farming method lost to technology

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