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नए साल में होने वाले हैं ये 6 बड़े बदलाव, जनिए आप पर कैसे पड़ेगा असर

साल बदलने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. नए वर्ष की तरफ हम तेजी से बढ़ रहे हैं. नया साल आते ही देश में कुछ नए नियम और बदलाव लागू हो जाएंगे. कुछ मामलों में ये बदलाव लोगों के लिए फायदेमंद साबित होंगे तो वहीं कुछ मामलों में थोड़ी दिक्कत पैदा करेंगे. आइए जानते हैं इन  बदलावों के बारे में :

ट्रांजेक्शन चार्ज में  बदलाव

1 जनवरी 2019  से सभी डेबिट कार्ड, भीम, यूपीआई से होने वाले डिजिटल लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट कम हो जाएगा. इसके तहत दो हजार रुपए तक के ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.

मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड  नहीं चलेंगे

देश में 31 दिसंबर के बाद से मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड चलना बंद हो जाएगा. इस वक्‍त देश में मैग्‍नेटिक स्‍ट्राइप और EMV चिप, दो तरह के डेबिट और क्रेडिट कार्ड चलते हैं. मैग्‍नेटिक स्‍ट्राइप कार्ड पुरानी टेक्‍नोलॉजी है और इस तरह के कार्ड बनना बंद हो चुके हैं. इनके बंद होने की सबसे बड़ी वजह इनका कम सुरक्षित होना है. गौरतलब हैं कि आरबीआईI ने 2016 में ही सभी बैंकों को आदेश दे दिया था कि ग्राहकों के साधारण मैग्‍नेटिक स्‍ट्राइप कार्ड्स को चिप वाले कार्ड से रिप्‍लेस किया जाए. इस काम को पूरा करने के लिए आरबीआई  ने 31 दिसंबर 2018 को डेडलाइन घोषित कर दी है.

टैक्स फ्री  हो जाएगी NPS

नए वित्त वर्ष 2019-20 से NPS (National Pension Scheme) का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने या रिटायरमेंट पर NPS से की जाने वाली निकासी पूरी तरह से टैक्स फ्री हो जायेगी. इसके अलावा केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS के तहत सरकार की ओर से दिया जाने वाला योगदान बढ़ाकर 14 % कर दिया गया है. अभी तक यह 10 % है. हालांकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 % ही रहेगा.

कारों की कीमतें बढ़ जाएंगी

1 जनवरी 2019 से ज्यादातर ऑटो कंपनियां अपनी कारों के रेट में बढ़ोत्तरी करने वाली हैं. इनमें टाटा मोटर्स, फोर्ड इंडिया, निसान इंडिया, मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, बीएमडब्ल्यू, रेनो, इसुजु, वोक्सवोगन आदि कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों का कहना है व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग लागत पहले के अपेक्षा बढ़ी है. ऐसे में कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डालने के लिए मजबूर हैं.

नहीं चलेंगी नॉन CTS चेकबुक

1 जनवरी 2019 से बैंक नॉन-CTS (Check truncation system) चेक क्लियर नहीं करेंगे. ऐसा आरबीआई के निर्देश के अनुसार हो रहा है. इसके चलते बैंक कस्टमर्स से जल्द से जल्द अपनी नॉन-CTS चेकबुक को CTS चेकबुक से रिप्लेस करने की अपील कर रहे हैं. SBI ने तो 12 दिसंबर से ही नॉन-CTS चेक को स्वीकार करना बंद कर दिया है.

बैंक सुविधा में  बदलाव

1 जनवरी 2019 से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और नेत्रहीन व्यक्तियों को बैंक घर पर ही पैसे निकालने, चेकबुक जारी करने, केवाईसी जमा कराने की सुविधा देंगे. घर से बैठे-बैठे ही मोबाइल नंबर को आधार से लिंक किया जा सकेगा. इसके लिए वन टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा.

विवेक राय, कृषि जागरण



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