News

मध्यप्रदेश में लहसुन विक्रय की अवधि 30 जून तक बढाई गई।

मध्यप्रदेश में किसानों के हित के लिए एक नया फैसला लिया गया है। इस फैसले से राज्य के लहसुन उपजा रहे किसानों को फायदा मिलेगा। बता दें कि मध्यप्रदेश की अधिसूचित मण्डियों में लहसुन विक्रय की अवधि 31 मई से बढ़ाकर 30 जून, 2018 कर दी गई है। इसके साथ फैसले के अंदर जिन मंडियों को शामिल किया है उसमें मंदसौर जिले की गरोठ मण्डी भी शामिल है। इस पूरे संबंध में उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग ने आदेश जारी किये हैं।

लहसुन की भावांतर लाभ गणना की अंतिम तिथि 10 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई, 2018 निर्धारित है। यह फैसना किसानों को हो रही परेशानियों को देखकर लिया गया है। और इससे किसानों को फायदा होने की बात कही जा रही है। इस संबंध में कमिश्नर इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रीवा संभाग के साथ जिला कलेक्टर भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, जबलपुर, छिन्दवाड़ा, रीवा और सतना को आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं।

इसके साथ ही सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सांरग ने विभागीय समीक्षा में निर्देश दिये कि उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधाओं का पर्याप्त ध्यान रखा जायें। किसानों को किसी भई तरह से परेशानी ना हो इसके लिए उन्होंने उपार्जन के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी अच्छी तरह से सुनिश्र्च्ति करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर बेची गई फसल का भुगतान समय पर होने की भी बात कही है। वहीं किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की कठिनाई ना हो इसके लिए खास निर्देश दिए हैं।



Share your comments