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देश में बढ़ रहा है इजराइल खेती का सम्राज्य

आज हम आपको ऐसी विदेशी खेती के बारे में बताएँगे जो आपको मुनाफे के साथ-साथ अधिक उत्पादन भी देगी | अगर भारत में अगर कृषि क्रांति लानी है तो हमें इजराइल कृषि प्रौद्योगिकी की मदद लेनी होगी | यहाँ कि खेती अन्य देशों से सबसे भिन्न है इजराइल कि कृषि में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली मुख्य भाग है |

आज हम आपको ऐसी विदेशी खेती के बारे में बताएँगे जो आपको मुनाफे के साथ-साथ अधिक उत्पादन भी देगी | अगर भारत में अगर कृषि क्रांति लानी है तो हमें इजराइल कृषि प्रौद्योगिकी की मदद लेनी होगी | यहाँ कि खेती अन्य देशों से सबसे भिन्न है इजराइल कि कृषि में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली मुख्य भाग है|  

इजराइल आधुनिक कृषि  तकनीक में वर्ल्ड लीडर है इसने सबसे पहले पूरी दुनिया को  बताया  है | कि सिंचाई में खारा  व गंदे पानी को  रिसाईकिल कर अच्छी खेती की जा रही है | जिससे किसानों को भी ज्यादा मात्रा में मुनाफा मिलता और वह इस कृषि से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में उत्पादन कर  रहे है | भारत और इजराइल में 2008 में पहला कृषि समझौता हुआ था उसके बाद वहां कि कृषि पद्धति हमारे देश में भी प्रयोग की जाने लगी जिससे किसानो को भी अधिक फायदा हुआ | और वह कृषि सम्बंधित जानकारियों के लिए भी जागरूक हुए |

भारत में फलों और सब्जियों का उत्पादन तो खूब होता है,लेकिन क्वॉलिटी को लेकर किसान ज्यादा जागरूक नहीं हैं। वे खुद बीज बोते हैं, पौधे बनाते हैं। पौधे कितनी दूरी पर लगाई जाए, कौन से कीटनाशक डाले जाएं और कैसे तोड़ाई की जाए, इस बारे में भी सभी किसानों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती। विशेषज्ञों का मानना है कि बीज से पौधे बनाने के स्तर पर ही इतनी चूक हो जाती है कि अच्छी क्वॉलिटी के पौधे ही तैयार नहीं हो पाते। इन बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इजरायल सरकार के सहयोग से देशभर में फल और सब्जियों के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने का प्रॉजेक्ट शुरू किया था। इसमें यूपी को दो सेंटर ऑफ एक्सिलेंस मिले।

इजराइल खेती का आर्थिक सहयोग|

उद्यान विभाग के निदेशक आरपी सिंह बताते हैं कि यूपी में दो सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनकर तैयार हो चुके हैं। बस्ती में फलों का सेंटर करीब 7.4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। कन्नौज में सब्जियों का सेंटर 7.6 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। ये दोनों इस साल जुलाई से शुरू हो जाएंगे। इजरायल की तकनीक आधारित खेती का लाभ लेने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकारें आर्थिक मदद कर रही हैं।

केंद्रों द्वारा किये जाएगी पौधे तैयार|

आरपी सिंह ने बताया कि यहां पर किसानों को सर्विस और प्रशिक्षण दोनों मिलेगा। किसान अपना बीज लेकर यहां संपर्क करेंगे। उससे सेंटर पर पौधे  तैयार कर किसानों को दी जाएंगी। यह सुविधा नि:शुल्क होगी। इसके अलावा फल और सब्जियों को रोग से बचाव, कीटनाशकों के छिड़काव और अन्य जरूरी सलाह भी किसानों को यहां मिलेगी। जिस से किसानो को अधिक मात्रा में मुनाफा मिलेगा और किसान ज्यादा कृषि करेंगे |

English Summary: The Israeli farming empire is growing in the country Published on: 09 October 2018, 02:09 AM IST

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