अमेरिका के गोल्डन वॉयस बने टेड विलियम: एक समय में माँगा किया करते थे भीख

हम कभी कभी जीवन में बहुत निराश हो जाते हैं और अपनी काबलियत को नकार देते हैं। जबकि हमें हर पल सकारात्मक सोच के साथ जीना चाहिए। हम चाहे किसी भी स्थिति में हों, हमारे लिए हमेशा एक दरवाज़ा खुला होता है, बस हमें अपनी सोच बदलनी होगी। आज हम सफल लोगों के जीवन को यदि देखें तो पाएंगे की उन्होंने अपने शुरूआती जीवन में उतनी मुश्किलों का सामना किया है। अमेरिका के ब्रुकलिन शहर के टेड विलियम्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

अपनी कुछ ख़राब आदतों और आर्थिक स्थिति के खराबी के कारण सडकों पर भीख माँगा करते थे। नशे की अपनी बुरी आदतों के कारण कई बार जेल भी जाना पड़ा। जेल से आने के बाद एक बोर्ड लेकर भीख माँगा करते थे जिसपर लिखा होता था "मेरी आवाज़ बहुत अच्छी है"। रात को किसी पेट्रोल पंप के पीछे सो जाया करते। एक दिन किस्मत से इनके इस बोर्ड पर एक रिपोर्टर की नज़र पड़ी। उसने इनका एक इंटरव्यू लिया और यूट्यूब पर लोड कर दिया। जिसे अमेरिका के साथ कई देशों में देखा गया।

वीडियो आते ही उनकी चर्चा हर जगह होने लगी। इसके बाद न्यूयॉर्क शहर के एक टीवी चैनल में उन्हें अपने मोर्निंग शो के लिए इंटरव्यू लेने के लिए बुलावा भेजा, जहां उन्हें सेलेक्ट कर लिया गया। इसके अलावा उन्होंने कई कंपनियों के विज्ञापन में भी अपनी आवाज दी है। जिस वजह से वह थोड़े समय बाद ही अमेरिका के जाने माने लोगों में शामिल हो गए। टेड विलियम को गोल्डन वॉयस के खिताब से भी नवाजा गया।

टेड विलियम ने अपने संघर्ष और सफलता के ऊपर एक किताब भी लिखी। उनकी सफलता की इस कहानी से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए जिंदगी हमें कई मौके देती है, इसलिए हमें निराश होकर कभी भी प्रयास नहीं बंद करना चाहिए।

इस बात से ये सिद्ध हो जाता है की यदि मुसीबत के समय हम पूरे आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाएं तो हम अवश्य ही सफल होंगे। जीवन को एक पॉजिटिव सोच से देखें तो हर मुसीबत से लड़ने की ताकत हमें मिलेगी। जीवन हमेशा हमें हर पल एक नया अवसर देती है। बस हमें चाहिए की हम एक नए उत्साह से आगे बढ़ें।

 

फुरकान कुरैशी 
जर्नलिस्ट (सोशल मीडिया)

 

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