तकनीकि : कम भूमि में अधिक सेब लगाएं

उत्तराखंड के उद्दान विभाग ने राज्य में सेब के उत्पादन बढ़ाने के लिए अल्ट्रा हाई डेंसिटी फार्मिंग तकनीक का इस्तेमाल करेगा। इसे फिलहाल में उत्तरकाशी, गढ़वाल, देहरादून व नैनीताल में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। सेब की खेती में अभी दस बीघे में 100 पेड़ लगाए जाते हैं। जबकि इस अत्याधुनिक तकनीक के द्वारा लगभग 1100 पेड़ लगाए जा सकेंगे। इस विधि के लिए अब तक सौ से ज्यादा किसान आवेदन कर चुके हैं।

एक एकड़ की भूमि में यह कुल प्रोजेक्ट करीब 12 लाख का है जिसमें करीब अस्सी प्रतिशत धनराशि सरकार दे रही है और 20 प्रतिशत धनराशि किसान को चुकानी पड़ रही है। यही नहीं बागान की सुरक्षा के लिए फैंसिंग व ओलावृष्टि से बचाव के लिए सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड उद्दान विभाग के प्रभारी निदेशक डॉ. बीएस नेगी के अनुसार इस तकनीक में पौधे तो छोटे होते हैं लेकिन पौधों में उत्पादकता बढ़ जाती है साथ ही अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान भी इस विधि में अपनी रुचि दिखा रहें है जिसके चलते आने वाले समय में इसकी उपयोगिता बढ़ सकती है।  

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