News

स्ट्रॉबेरी की खेती करके किसान बन रहे धनवान

बिहार के किसान अब मशरूम, शिमला मिर्च, मूंगफली के बाद स्ट्रॉबेरी की खेती करने लग गए है. राज्य के सुपौल में  सब्जियों के उत्पादन के साथ ही अब स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. किसान अब स्ट्रॉबेरी के सहारे व्यावसायिक खेती करना चाहते है. किसानों का मानना है कि ऐसा करने से इलाके में एक क्रांति लाई जा सकती है. यह खेती फिलहाल कुछ इलाकों तक ही सीमित है. समय के साथ इस खेती की मांग और उत्पादन बढ़ने लगा है जिसके चलते अन्य किसान खेती की ओर मुड़ने रहे है. किसानों के मुताबिक यहां के क्षेत्र की जलवायु भी इस फसल के अनुकूल है.

किसानों का मानना

जिन किसानों ने पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती की है उनका मानना है कि इस खेती के माध्यम से किसानों की किस्मत बदल सकती है. एक एकड़ की खेती में तीन लाख से अधिक की लागत आती है. एक एकड़ से 12 से 13 लाख तक की कमाई जा सकती है. उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी का पौधा मात्र एक फीट का होता है. यह 70-80 दिन में तैयार हो जाता है. जिले में 200 रू किलों प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है.

कृषि वैज्ञानिकों की ये है सलाह

क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो स्ट्रॉबेरी सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के पुणे में होती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए काफी उपयुक्त है. शोध में बताया गया है कि स्ट्रॉबेरी का पौधा आचार और सब्जी के अलावा कई तरह के काम में आता है. यह पौधा आयरन से युक्त होता है यही वजह है की यह दवाई बनाने के काम आता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे आने वाले समय में किसानों को बेहतर आमदनी होगी.



Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in