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पढ़िए गीले कचरे से खाद बनाने का नायब तरीका...

यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि एक क्रिकेट मैदान की गीली मिट्टी से खाद बनाई जा रही है। दरअसल यह कार्य मध्य प्रदेश के होल्कर स्टेडियम में किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस खाद का उपयोग मैदान की हरियाली बढ़ाने में किया जाएगा। इस बीच एमपीसीए एवं नगर निगम के एकसाथ किए जा रहे इस प्रयास को खुद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी सराहना की है।

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इस गीले कचरे से लगभग 120 किलो खाद तैयार की जा रही है। ज्ञात हो कि दो मैच के दौरान लगभग तीन हजार किलो कचरा मिला है। इस दौरान सूखा एवं गीला कचरा तैयार होता है। जिन डिब्बों में दर्शक खाना खाते हैं वह सूखा कचरा के अन्तर्गत आता है जबकि केले का छिलका आदि गीला कचरा के अन्तर्गत आता है।

बीसीसीआई का मानना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से खाद बनाने का कार्य काफी लंबे समय से किया जा रहा है। अभी फिलहाल 386 किलो कचरे से 90 किलो खाद बनाई जाएगी। इस तरह खाद बनाने में सात दिन का समय लगता है। पर्यावरण जागरुकता बढ़ाने के लिए देश भर में इसका प्रसार किया जाएगा। इस अभियान का सकारात्मक असर देखा जा रहा है, अब दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में भी इस प्रकार खाद बनाए जाने के लिए तैयारी की जा रही है। आईपीएल का प्रचार कर रही कंपनी आईएमजी इसे देश भर के सभी स्टेडियम में शुरु करने की तैयारी में है।

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