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विश्व मृदा दिवस का आयोजन

भारत सरकार के कृषि मंत्रालय व भारतीय कृषि  अनुसंधान  परिषद के मंशानुरूप कृषि प्रद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन 7 जबलपुर  के मार्गदर्शन मे कृषि विज्ञान केन्द्र (राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय) ,उज्जैन एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उज्जैन के संयुक्त तत्वाधान में विश्व मृदा दिवस 5 दिसम्बर 2016 को मनाया गया  ।

डाॅ एस के कोशिक वैज्ञानिक द्वारा केन्द्र का किसानों के लिए महत्व एवं प्रेरणा स्रोत्र बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया।  एस के शर्मा उपसंचालक कृषि द्धारा किसान भाई खेती में खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग बिना सोचे समझे असंतुलित, असीमित एवं असुरक्षित ढंग से अंधाधुन्द तरीके से प्रयोग कर रहे है़ जिससे लागत मुल्य मे वृृदि के साथ साथ पर्यावरण भी प्रदुषित हो रहा है, साथ ही मृदा स्वास्थ पर विपरित प्रभाव पड रहा है के बारे मे जानकारी दी गई। श्री महेश परमार अध्यक्ष जिला पंचायत द्धारा केन्द्र के कार्यो की प्रशंसा करते हुए किसानो द्धारा वैज्ञानिको अनुशंसा को अपनाने पर जोर दिया । श्री भरत पोरवाल उपाधयक्ष जिला पंचायत द्धारा वर्तमान कृषि मे वैज्ञानिक की भूमीका इंजीनियर के समान है अर्थात जिस प्रकार इंजीनियर कम रूपये अच्छे मकान बनवा सकता है वैसे ही वैज्ञानिक कम रूपये मे अच्छी खेती करवा सकते है के बारे मे जोर दिया गया कृषि विज्ञान केन्द्र,उज्जैन के द्वारा मृदा स्वास्थ पत्रक वितरित किये गये । जिसमे फसलो के लिये आवश्यक पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन ,फास्फोरस, पोटाश , सल्फर व सुक्ष्म पोषक सहित कुल 12 तत्वो की  जानकारी है। इससे किसानो को अपनी खेती की उर्वरता की जानकारी  व आने वाली फसलो मे संतुलित अनुसंशित मात्रा का उपयोग कर के उत्पादन क्षमता बढा सकेगे। श्री राजेन्द्र गवली, कार्यक्रम सहायक (मृदा विज्ञान) द्वारा मिट्टी की बिगडती स्थिति को सुधारकर आने वाली पीढी को बेहतर अवस्था मे मृदा हस्तांतरित कर सकेगे के बारे में बताया।

कार्यक्रम में श्री सुनील, बैंक आॅफ इण्डिया द्वारा किसानों को नकदी रहित ब्ंेीसमेे लेन देन पर विस्तार से जानकारी दी साथ ही आधार कार्ड के माध्यम से निकासी पर प्रदर्शन किया गया । कार्यक्रम मे जिले के 211 किसानो द्धारा भागीदारी कर मिट्टी परीक्षण के आवश्यक पहलुओ पर जानकारी प्राप्त की गई ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आत्मा, विभाग एवं केन्द्र के 38 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भागीदारी दी।केन्द्र के वैज्ञानिको द्धारा किसानो की समस्याओ का त्वरित समाधान किया गया।



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