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मगही पान की अब देश-विदेश में होगी अलग पहचान

अगर हम बिहार के कुछ बेहद ही नामचीन पहचानों की बात करें तो यहां का मशहूर मगही पान भी एक अलग पहचान रखता है. भारत में पान की खेती अनेक जगहों पर अलग-अलग स्थानों पर होती है. लेकिन यहां का मगही पान काफी ज्यादा मशहूर माना जाता है. मगही पान की खेती मुख्य रूप से मगध इलाके के चार जिलों औरगंबाद, नवादा, गया और नालंदा मे बड़े पैमाने पर होती है. अब देश विदेश में पहचान दिलाने के लिए यहां पर शहर मे काफी मंडिया बनाई जा रही है. यहां पर पान की सिकाई के लिए भट्टी, डाक के लिए एक बड़े प्लेटफॉर्म, भंडारण, व्यवसायियों के रहने के लिए समचित वय्वस्था की जाएगी. यहां पर पान मंडी बनने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

पान का होगा ट्रीटमेंट

यहां की मंडी में मगही पान का ट्रीटमेंट करके बनारसी पान में बदला जाएगा. इससे पान का दाम दोगुना हो जाएगा. इसके लिए पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर की देखरेख में भी कई तरह की भट्टियों का निर्माण किया जाएगा. यहां मंडी तक पहुंचने के लिए यातायात की भी समुचित वयवस्था की जाएगी. इससे व्यापारियों को पहुंचने में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी.

banarasipaan

पान का जीआईटैग

मगही पान का ट्रीटमेंट करने के बाद जीआईटैग को लगाकर इसको देश और विदेश में बेचा जाएगा. इससे मगही पान की अपनी खुद की भी पहचान होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. अभी सभी किसान पान को वाराणसी में भेज रहे है. यहां पर छह से आठ फीसदी का कमीशन लिया जाता है. जीआई टैग के इस्तेमाल से बाद में काफी ज्यादा फायदा मिलेगा. इस पान की मंडी को निर्माण करने में 50 लाख रूपये  की राशि से होगी इसको लेकर जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जाएगा. किसानों को उम्मीद है इससे काफी अच्छी आय होगी और इससे मगह की पान देश-विदेश में भी काफी ज्यादा प्रचलित हो जाएगी.



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