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किसानों को न हो कभी बाढ़, सूखा जैसी कोई परेशानी, इसलिए उठाया था ये कदम, लेकिन अब..

सचिन कुमार
सचिन कुमार

Seed bank

यूं तो किसानों को उन्नत बनाने की दिशा सरकार की तरफ से तमाम प्रयास किए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी किसानों के लिए कुछ ऐसे भी फैसले ले लिए जाते हैं, जिनका हमारे अन्नदाताओं पर बड़ा असर पड़ता है. इसी बीच एक ऐसा ही फैसला केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों के लिए लिया है. मंत्रालय ने साफ कह दिया है कि वर्तमान में बीज बैंक की संख्या को नहीं बढ़ाया जाएगा. बता दें कि अभी हमारे देश में 22 बीज बैंक हैं, जो किसानों के हित में काम कर रहे हैं. प्राय: बीज बैंक द्वारा लिए जा रहे फैसलों का बड़ा असर हमारे किसान भाइयों पर पड़ता है.

क्या करते हैं ये बीज बैंक

अब आपके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर यह बीज बैंक क्या करते हैं? यह बीज बैंक हमारे किसान भाइयों को बाढ़, सूखा जैसी किसी भी प्राकृतिक आपदा पर किसानों की सहायता के लिए दीर्घकालीन और मध्यकालीन बीज उपलब्ध कराते हैं. इस बीज बैंक में हमेशा बीज की उपलब्धि बरकरार रहे इसके लिए सरकार प्रतिवर्ष कुल बीज में से 10 प्रतिशत जमा करती है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराया जा सके.  

राज्यों का रहता है अहम किरदार

यहां हम आपको बताते चले कि इस दिशा में राज्यों का अहम किरदार रहता है. इस दिशा में अगर राज्यों की भूमिका गौण कर दी जाए, तो यह ध्येय से विफल हो जाएगा. राज्य मुख्यत:  बीजों की उत्कृष्ट पैदावार, उपलब्धता, वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार रहते है. वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाते हैं.

इसमें विभिन्न प्रकार की योजनाएं शामिल हैं. मसलन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन और पाम ऑयल, बीज और रोपण सामग्री उप-मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजनाएं शामिल हैं. गौरतलब है कि सरकार की हमेशा से कोशिश रही है कि किसानों को उन्नत बनाया जा सके. इस दिशा में सरकार विभिन्न योजनाएं शुरू करती रहती है. इन सभी योजनाओं का मुख्य ध्येय किसानों की उन्नति करना ही होता है.

English Summary: Now no more seed will be opened in india

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