नदियों को बचाने के लिए सबका साथ होना जरूरी : उप राष्ट्रपति

नदियों को बचाने के लिए सभी लोगों को आगे आने की जरूरत है। नदियों से ही हमारा जीवन है और इन्हें संरक्षित रखना हमारा दायित्व है। देश की नदियों को बचाने के लिए शुरू किए गए 'रैली फॉर रीवर' अभियान के समापन अवसर पर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने यह बातें कही।

सदगुरू द्वारा नदियों को बचाने के लिए शुरू किए गए अभियान की सराहना करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें सभी लोगों का योगदान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की नदियों को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। नदी अभियान को देश के अलग-अलग हिस्सों में शानदार सफलता मिली है। इस मौके पर सदगुरू ने कहा कि नदियों को बचाने के लिए हमने एक ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट को लागू करने में 25 साल तक का समय लग सकता है लेकिन यह ड्राफ्ट आने वाले 500 सालों तक के लिए कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को खुशहाल नदी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को नदियों को बचाने के लिए तैयार 700 पेज के इस विजन दस्तावेज को केन्द्र सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा। इस दस्तावेज को तमाम वैज्ञानिकों व अन्य विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है।

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सदगुरू द्वारा नदियों को बचाने के लिए तैयार सुझावों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन सुझावों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा, अभिनेत्री जूही चावला, गायक सोनू निगम, धर्मगुरू आचार्य लोकेश मुनि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। नदियों को बचाने के लिए यह मुहिम 3 सितंबर को कोयंबटूर से शुरू हुई। देश के 21 शहरों से होते हुए यह रैली दिल्ली पहुंची। इस दौरान सदगुरू ने नौ हजार किलोमीटर के लगभग के सफर में खुद वाहन चलाया और लोगों को अभियान के बारे में जागरुक भी किया।

 

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