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प्रदेश सरकार द्वारा किसानो ओर ग़रीबों को दीं ज़ाने वाली राहत

अशोक परमार
अशोक परमार

मध्य प्रदेश में किसान, श्रमिक, बेसहारा, गरीब, बुजुर्ग जैसे जरूरतमंदों की मदद करना सदैव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता रही है। कोरोना महामारी से लड़ते हुए भी वे अपनी यह प्राथमिकता नहीं भूले। पिछले लगभग डेढ़ माह में राज्य सरकार द्वारा 6526 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के इन सभी जरूरतमंदों के खातों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री ने इन सभी योजनाओं को लाते हुए, पिछले एक साल से प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, राज्य का खजाना खाली है, जैसी कही जाने वाली बातों को निर्मूल साबित कर दिया है। साथ ही, यह भी प्रमाणित कर दिया है कि किसान और गरीब सरकार की पहली प्राथमिकता हैं.

राज्य सरकार ने 15 लाख किसानों को फसल बीमा की 2990 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की है। किसानों की फसल को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। खरीदी शुरू होते ही शुरू के 15 दिन में 5 लाख 65 हजार किसानों से 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया है। इसके लिए किसानों को अब तक लगभग 2000 करोड़ रुपये भुगतान भी कर दिया गया है।

लॉकडाउन में सरकार ने संनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खाते में शुरुआत में एक-एक हजार रुपये और उसके बाद फिर से एक-एक हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता ऑनलाइन भेजी है। इस प्रकार, निर्माण कार्यों से जुड़े संनिर्माण कर्मकार मंडल में इन सभी मजदूरों के खाते में 177 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई है।

कोरोना संक्रमण के इस दौर में राज्य के असंगठित क्षेत्र के मजदूर जो प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में कार्य करने के समय लॉकडाउन की घोषणा के बाद वहां पर फंस गये हैं, ऐसे सभी 20,000 श्रमिकों के खाते में 1000 रुपये के मान से कुल दो करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं। प्रदेश में अन्य 22 राज्यों के फंसे 7000 प्रवासी श्रमिकों को भी उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिये एक हजार रुपये के मान से सहायता राशि पहुंचाई गई है।

प्रदेश सरकार द्वारा महामारी की विपत्ति में बेसहारा, बुजुर्गों आदि को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 562 करोड़ रुपये की राशि 46 लाख हितग्राहियों के खातों में भेजी गई है। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित पेंशन आदि का अगले दो माह का भुगतान किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत 60 लाख 81 हजार बच्चों और माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 26 लाख 68 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में मध्यान्ह भोजन योजना के 117 करोड़ और योजना मे कार्यरत 2 लाख 10 हजार रसोइयों के खाते में 42 करोड़ 3 लाख 8 हजार रुपये ट्रांसफर किये गये है। इसी तरह, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में 52 लाख छात्र-छात्राओं के खातों में 430 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान भी कर दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा निराश्रित गौ-वंश के लिये 599 गौ-शालाओं में गेहूँ, चना, भूसा की आपूर्ति के लिए 29 करोड़ 85 लाख रूपये दिए गए हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के 66 हजार गौ-वंश को गौ-शालाओं के माध्यम से पर्याप्त भूसा उपलब्ध हो सकेगा।

लॉकडाउन की अवधि में जिलों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिये सरकार द्वारा भी राशि उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक जिले को स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2-2 करोड़ रुपये की राशि इस काम के लिये दी गई है। यह राशि राहत शिविरों और भोजन व्यवस्था आदि के लिये दी गई है। इसके अतिरिक्त, लॉकडाउन में आम आदमी को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसके लिए प्रशासन को आकस्मिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये प्रत्येक जिले को एक-एक करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 156 करोड़ रूपये दिए गए हैं।

कोरोना महामारी में लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों, निराश्रितों और असहायों के लिये भोजन, आश्रय आदि की व्यवस्था के लिए 70 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की सहरिया, बैगा एवं भारिया अति पिछड़ी जनजातियों के लोगों के बैंक खातों में भी दो माह की अग्रिम सहायता राशि समय पर पहुँचा दी गई हैं। राज्य सरकार हर गरीब व्यक्ति की मदद कर रही है।

नोट- प्राप्त जानकारी ओर आंकड़े जनसम्पर्क मन्दसौर द्वारा जारी किए गए हैं।

English Summary: madhya pradesh cm shivraj singh chauhan helping farmers and labourers on priority amid lockdown

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