जे.फार्म. सर्विसेज एप के माध्यम से फ्री में ट्रैक्टर एवं कृषि यन्त्र बुक करे किसान

देश की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी टैफे ने किसानो के लिए एक नई पहल की है. वैसे तो टैफे से कोई भी किसान अछूता नहीं है. आज हर कोई टैफे के विषय में जानता है. यह कंपनी किसानों के मध्य विश्वास   की एक ऐसी कड़ी बन चुकी है जिस पर किसान अपनी आँख बंद करके भरोसा करते हैं. पिछले कुछ समय में टैफे ने कई जानी-मानी कंपनियों आयशर ट्रैक्टर, मैसी फर्ग्युशन जैसे बड़े ब्रांड्स को ख़रीदा है. इसी से इसकी सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है. भारतीय किसानों को सहूलियत प्रदान करने के लिए कंपनी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और लगातार इनोवेशन कर रही है. भारतीय किसानों को अच्छी सुविधाए प्रदान करने के लिए कंपनी ने जे. फार्म सर्विसेज की शुरुआत की. सभी जानते है कि भारत में छोटे और मझले किसान ज्यादा है जो कि ट्रैक्टर और बड़े कृषि यन्त्र खरीद पाने में असमर्थ है. इसलिए टैफे ने जे.फार्म सर्विसेज को देशभर में शुरू किया है. कंपनी के सीओओ टी. आर. केशवन ने कृषि जागरण को बताया को कि जे. फार्म सर्विसेज की शुरुआत टैफे द्वारा 1994 में की गयी. तब से जे. फार्म सर्विसेज द्वारा किसानों बीज, खाद आदि सुविधाए प्रदान की जा रही थी लेकिन हाल ही के दिनों में कंपनी ने किसानों की जरुरत के अनुरूप इसको एक नए मॉडल के रूप में पेश किया और इसका नाम रखा ऍफ़  2 ऍफ़ यानी फार्मर टू फार्मर. यानी के किसानों से किसानों को सपोर्ट. टी.आर. केशवन ने बताया की इस मॉडल के तहत जो छोटे और मंझले किसान है जिनको बड़े कृषि यन्त्र या ट्रैक्टर खेत की तैयारी के लिए नहीं मिल पाते हैं वो आसानी से जे. फार्म सर्विसेज के माध्यम से किराए पर अपने खेत की तैयारी के लिए ट्रैक्टर और अन्य कृषि यन्त्र बुक कर सकता है. यह सब किसान को जे फार्म सर्विसेज एप के माध्यम से करना है.

इसके बाद किसान को उसके द्वारा बुक किया गया कृषि  यन्त्र उसके द्वारा बताई गयी लोकेशन पर पहुँच  जाता है. जिसके बाद किसान अपने खेत को तैयार आसानी से करा लेता है. टैफे द्वारा जे फार्म सर्विसेज को देश के कई राज्यों , राजस्थान और मध्य प्रदेश में पहले से लॉन्च किया जा चुका है. राजस्थान में यह कंपनी सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. इसके अलावा राजस्थान में 6 जोन में सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) बनाए गए हैं. एप के अलावा जे.फार्म सर्विसेज के टोल फ्री न. 1800-4-200-100 के द्वारा भी कृषि यन्त्र को आसानी से बुक किया जा सकता है. टी.आर. केशवन बताते हैं की इसकी शुरुआत 2016 में की गयी. जिसमें अभी तक 60000 उपयोगकर्ताओं से 1 लाख ऑर्डर बुक किए जा चुके हैं. जिसमें 250000 घंटे के लिए किराए पर उपलब्ध यन्त्र किसानों द्वारा इस्तेमाल हुए हैं. कंपनी का फार्मर टू फार्मर मॉडल पूरी तरह से सफल होता दिख रहा है. कंपनी के सीओओ टी. आर. केशवन ने बताया की इसकी शुरुआत कंपनी ने किसी लाभ के उद्देश्य नहीं की है बल्कि इसकी शुरुआत सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत की गयी है ताकि किसानों का फायदा हो सके. जे. फार्म सर्विसेज से कंपनी को कोई लाभ नही है. यह सिर्फ किसानों के फायदे के लिए है. किसान फ्री में इससे कृषि यन्त्र बुक कर सकते हैं. और जिन किसानों के पास ट्रैक्टर या कृषि यन्त्र है वो जे. फार्म सर्विसेज के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं. इसमें कंपनी किसी भी तरीके का कोई पैसा या कमीशन नहीं लेती है. इसको और बढ़ावा देने के लिए टैफे कई राज्यों बिहार, ओडिशा, आन्ध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और असम सरकारों के साथ एमओयु साईन करने वाली हैं. टी .आर केशवन कहते हैं कि कंपनी का उद्देश्य पूरी तरह से किसानों को फ्री सुविधाए देना है. ताकि किसान तरक्की की और अग्रसर हो सके. किसान जे फार्म सर्विसेज एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं अन्यथा टोल- फ्री. न. 1800-4-200-100  पर संपर्क कर सकते हैं.

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