किसानों के लिए आमदनी का नया जरिया, पराली से ईंधन बनाने की इंडस्ट्री का लक्ष्य....

पराली द्वारा बायो ईंधन के निर्मित करने के लिए देश में एक हजार इंडस्ट्री लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बीच केंद्रीय परिवहन एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने रोहतक मेले के समापन समारोह के अवसर पर कहा है कि किसानों को डीजल व पेट्रोल का विकल्प ढूंढना होगा जिसके लिए आज के समय में बायो ईंधन एक अच्छा उदाहरण है। पराली को खेत में जलाने से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए उससे बायो ईंधन बनाकर न केवल ईंधन का विकल्प मिलेगा बल्कि वातावरण शुद्ध बना रहेगा।

उन्होंने एक उदाहरण के तौर पर बताया कि महाराष्ट्र में कई वाल्वों बसों को जैव ईंधन से चलाया जा रहा है। ऐसे में देश में बायो ईंधन का चलन शुरु कर न केवल धन की बचत होगी साथ ही किसानों के लिए आमदनी का एक जरिया भी बढ़ेगा। उनका मानना है कि एक टन पराली से निर्मित जैव ईंधन से किसान अपने ट्रैक्टर के लिए कई दिनों का ईंधन का खर्चा निकाल सकते हैं। परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि जैव ईंधन निर्मित करने के लिए सौ इंडस्ट्री हरियाणा के हिस्से में आएंगी।

इसके अतिरिक्त हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने एक नया ऐलान किया है कि जल्द ही पशुओं के लिए राज्य में पीजी शुरु की जाएगी जिसमें कोई भी व्यक्ति अपने पशुओं को रख सकता है। पशुपालन के लिए हरियाणा को देश में अग्रणी बनाना ही सरकार का लक्ष्य है।

तो वहीं केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय दो गुनी करने के लक्ष्य की वकालत करते हुए कहा कि वह पहले प्रधानमंत्री है जिन्होंने किसानों की आमदनी के बारे में सोचा है।

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