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सावधान! सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी, फर्जी आदेश दिखाकर आरोपी ऐंठता था पैसे

सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. आइए, इसके बारे में विस्तार से जानें.

मुकुल कुमार
सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के सीहोर की इछावर विधानसभा क्षेत्र में एक कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट के संचालक ने नौकरी के नाम पर युवाओं को ठगा है. हालांकि, इस मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने इंस्टीट्यूट संचालक को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का नाम जितेंद्र वर्मा बताया गया है. वह स्थाई रूप से नीलबड़ का रहने वाला है. पुलिस ने बताया है कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी का प्रलोभन देकर युवाओं को ठग रहा था.

युवाओं को दिखाया फर्जी आदेश

आरोपी जितेंद्र सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये लेता था. इंस्टीट्यूट संचालक की शिकायत अंकित नागर नाम के एक युवक ने सीहोर कलेक्टर से की थी. जिसमें उसने बताया कि मुस्कान कम्प्यूटर के संचालक जितेंद्र ने उससे सरकारी नौकरी दिलाने को कहा था. इसके लिए जितेंद्र वर्मा ने उसे कई सरकारी दस्तावेज और नौकरी के आदेश दिखाए थे. जो पूरी तरह से फर्जी थे. सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर जितेंद्र ने अंकित से एक लाख 60 हजार रुपये ठग लिए.

यह भी पढ़ें- खाद्य विभाग में निकली सरकारी नौकरी, वेतन 1,80,000 रुपए प्रति माह

पैसे लेकर युवक को टरकाया

शिकायत में पीड़ित पक्ष ने यह भी बताया है कि आरोपी ने पैसे लेने के बाद तीन महीने बाद नियुक्ति पत्र देने की बात कही थी. लेकिन समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली. इसकी सफाई में आरोपी बार-बार अंकित से यह कहता रहा कि सीहोर कलेक्टर ने नियुक्ति पर रोक लगाई है. क्योंकि उन्हें कुल 50 पदों पर भर्ती करनी है लेकिन आवेदन केवल 25 पदों के लिए ही प्राप्त हुए हैं. ऐसे में तीन महीने का और समय लगेगा.

अंकित ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि उसे पोस्ट ऑफिस के जरिए फर्जी नियुक्ति संबंधी कई दस्तावेज प्राप्त हुए थे. उसे पहला आदेश 31 मार्च 2022 को प्राप्त हुआ था. इसके बाद 11 अप्रैल, 2022 को कार्यालय प्रमुख राजस्व आयुक्त, मध्य प्रदेश का उसे दूसरा आदेश मिला. फिर, 12 मई 2022 को उसे कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सीहोर का आदेश प्राप्त हुआ. इसके बाद, 10 अक्टूबर 2022 को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इछावर का आदेश मिला. पड़ताल के बाद पता चला कि यह सभी आदेश फर्जी थे. कलेक्टर के पास शिकायत के बाद इछावर पुलिस ने आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया.

English Summary: Forgery in the name of government job appointment letter Published on: 21 June 2023, 10:42 AM IST

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